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धर्म के आधार पर कैसे हो सकता है कानून, पर्सनल लॉ को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने दिया बड़ा बयान

उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक इंटरवयू में समान नागरिक संहिता (UCC) पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, क्रिमिनल लॉ में क्यों पर्सनल लॉ नहीं लिया, क्योंकि वहां हाथ काटने पड़ेंगे और पत्थर मारने पड़ेंगे।

शाह ने दिया इंटरव्यू
इंटरव्यू के दौरान अमित शाह बोले, “कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में कहा कि वो पर्सनल लॉ को तवज्जों देंगे और देश में पर्सनल लॉ सिर्फ एक ही है मुस्लिम पर्सनल लॉ. वो डरते हैं इसलिए कहते हैं कि हम UCC नहीं लाएंगे. हम तो उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर आए. उन्हें अल्पसंख्यक की वोट चाहिए इसलिए वो पर्सनल लॉ की बात करते हैं. शरिया क्या है आप ही बताइए या फिर कांग्रेस पार्टी समझाए।

“धर्म के आधार पर कैसे हो सकता है कानून”
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, ”पर्सनल लॉ से क्या मतलब है और किसी भी पंथनिरपेक्ष देश में कानून धर्म के आधार पर ये कैसे हो सकता है. हमारी संविधान सभा का यही मैंडेट है कि इस देश कि विधानमंडल और संसद में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाना चाहिए. आज कांग्रेस इस बात से इनकार रही है, क्योंकि उन्हें वोटबैंक की राजनीति करनी है और उनके वोट हासिल करना चाहती है.”
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

शाह बोले
अमित शाह ने कहा- हम स्वाभाविक रुप से चाहते हैं कि देशभर में यूसीसी लागू हो, लेकिन पहले कुछ अलग-अलग सामाजिक संचरना वाली राज्य सरकारों को अपने यहां करना चाहिए. इसके बाद पूरे देश में इसे करना चाहिए. हमें अपने संकल्प पत्र में लक्ष्य रखा है कि पूरे देश में हम यूसीसी को लागू करने का प्रयास करेंगे. अब समय आ गया है कि संविधान निर्माताओं के सपने को पूरा किया जाए।

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