उमाकांत त्रिपाठी। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ”वो जितना कीचड़ उछालते हैं, कमल उतना ही खिलता है. मैं आज डंके की चोट पर लोगों से कहता हूं कि मोदी जिंदा है, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा. मैं इसके लिए लड़ाई लड़ूंगा. कम से कम एक इंसान तो है, जो जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है, जो भागता नहीं है और कहता है कि जो मैं बोलता हूं, वो मेरी जिम्मेदारी है.”
मां गंगा ने गोद लिया
इससे पहले एक इंटरव्यू में पीएम मोदी अपनी मां को यादकर काफी भावुक देखे गए थे. पीएम मोदी ने कहा था, मुझे मां गंगा ने यहां बुलाया है. मां गंगा ने मुझे गोद लिया है. पीएम ने कहा, मां के निधन के बाद ही गंगा ही मेरी मां है. उन्होंने कहा, 10 साल पहले यहां प्रतिनिधि बनने के लिए आया था. 10 साल में उन नागरिकों और काशी वासियों ने देखते ही देखते ही मुझे बनारसिया बना दिया है.
पीएम की मां से होती थी ये बात
पीएम मोदी का कहना था कि मां हमेशा मुझसे पूछती थीं कि काशी विश्वनाथ जाते हो या नहीं? मां जब 100 साल की हुई थी और मैं उनके जन्मदिन पर उनसे मिलने गया था तो मां ने मुझे कहा कि जीवन में दो चीजें हमेशा ध्यान रखना. रिश्वत लेना नहीं और गरीब को भूलना नहीं. काम करें बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से. पीएम ने यह भी साफ कहा कि चुनाव में राम मंदिर पहले भी मुद्दा नहीं था, आगे भी नहीं रहेगा. राम मंदिर श्रद्धा का मुद्दा है. चुनाव का नहीं है.














