उमाकांत त्रिपाठी।देश में 18 वां लोकसभा चुनाव चल रहा है और चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है. इस बीच PM नरेन्द्र मोदी ने एक इंटरव्यू में तमाम मुद्दों पर बात की है. इंटरव्यू में चुनावी सरगर्मी के बीच भी वे बेहद शांत दिखे. उन्होंने अपने कई अनुभव भी साझा किए और कहा कि पॉलिसी बनाता हूं तो तब कई चीजों की प्रोसेसिंग मेरे दिमाग में शुरू हो जाती है.
पीएम मोदी बोले
पीएम मोदी ने कहा कि आजकल बजट बनाता हूं, तो इसके बाद इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लोगों के साथ वर्कशॉप करता हूं. किसानों के साथ वर्कशॉप करता हूं, उससे नए आइडिया आते हैं. बजट से पहले भी करता हूं और बजट के बाद भी करता हूं. इस बजट में कुछ बातों का उपयोग नहीं कर पाता हूं, तो अलग बजट में उसका उपयोग करता हूं. मैं बहुत खुले मन का इंसान हूं. दुनिया भर की चीजें, विदेशों से भी सीखता हूं. पॉलिसी जब मैं बनाता हूं, तब इन सारी चीजों की प्रोसेसिंग मेरे दिमाग में शुरू हो जाती है.
पीएम मोदी बोले
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य रहा है कि मैं परिव्राजक रहा हूं और इसलिए शायद हिंदुस्तान के 90 प्रतिशत से ज्यादा जिले ऐसे होंगे, जहां मैंने रात्रि मुकाम किया है. ये मेरे राजनीतिक जीवन से पहले की बात है. दूसरा, बिना रिजर्वेशन के ट्रेन में घूमा हूं. जनरल बोगी में खड़े-खड़े यात्राएं की हैं. बसों में सफर किया है, पैदल घूमा हूं, तो जमीनी दुनिया है, उसी से मैं जुड़ा भी हूं और उसी से बनकर निकला भी हूं. वो अनुभव बहुत बड़ा होता है, बहुत काम आता है. दूसरा, हमारे देश में जितने प्रधानमंत्री आए, वो दिल्ली के गलियारों से ही ज्यादा निकले हैं. बहुत कम प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने राज्य के अंदर सरकारों में काम किया हो. जिन्होंने किया भी वो बहुत कम समय के लिए किया.
पीएम मोदी बोले
लेकिन मैं ऐसा व्यक्ति हूं, जो लंबे समय तक एक प्रगतिशील राज्य का मुख्यमंत्री रहकर आया हूं. इसलिए जनआकांक्षाओं से मैं परिचित था. जनआकांक्षाओं और राज्यों के बीच परेशानियां क्या आती हैं, उसका मुझे अनुभव था. तो मेरे पास अनुभव का बहुत बड़ा खजाना है. इसके साथ ही जीवन भर मैं अपने आपको विद्यार्थी मानता हूं. इसलिए मैं एकेडमिक वर्ल्ड से सीखने का प्रयास करता हूं कि वो क्या सोचते हैं. मैं जो ब्यूरोक्रेट्स की जो दुनिया है, उनको समझने का प्रयास करता हूं.














