उमाकांत त्रिपाठी। लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया.. एमपी की सभी 29 सीटों पर बीजेपी ने जीत का परचम लहरा दिया… इनमें ज्यादातर सीटें तो बड़े अंतर से कांग्रेस हारी… प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ जब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीती… चलिए जानते हैं आखिर कांग्रेस की इतनी बड़ी हार की क्या वजह रही…
साल 2023 में मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव हुए.. इस चुनाव में कांग्रेस की जीत की अटकलें लगाई जा रही थीं… कई बीजेपी नेता-कार्यकर्ता कांग्रेस जॉइन कर रहे थे… या यूं कहा जाए कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में माहौल नजर आ रहा था…. लेकिन तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना के ट्रंप कार्ड से बीजेपी को जीत दिला दी… इस बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने ऐसी रणनीति बनाई कि कांग्रेस मुकाबले से ही बाहर हो गई…. MP में कांग्रेस छोड़ो और बीजेपी में चलो वाला माहौल बना और लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी मे एंट्री ली.. एक तरफ मध्यप्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी का दामन थाम रहे थे, तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ प्रदेश की सियासत के हॉट टॉपिक बने हुए थे…
पिता-पुत्र की इस जोड़ी के बीजेपी में जाने की अटकलों ने खूब जोर पकड़ा.. इससे ना सिर्फ कांग्रेसियों का बल्कि नए नवेले प्रदेश नेतृत्व का भी मनोबल डगमगा गया… जनता ने जब इस पूरे सियासी घटनाक्रम को देखा तो उसे छिंदवाड़ा में कांग्रेस के लड़ने का जज्बा भी नजर नहीं आया… आखिरकार छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस का समर्थन करने वाले वोटर्स ने अपना मन बदल लिया और वे बीजेपी के खेमे में चले गए…. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी तो पहले ही मध्यप्रदेश में 28 सीटों पर जीत को लेकर आश्वस्त थी… इसलिए उसने छिंदवाड़ा सीट पर पूरा फोकस किया… कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा में डेरा डाला और माहौल बनाना शुरू किया… लाखों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा और छिंदवाड़ा जीतने के लिए जान लगा दी… एक तरफ जहां बीजेपी छिंदवाड़ा लोकसभा सीट जीतने के लिए जान लगा रही थी.. तो वहीं कांग्रेस ने छिंदवाड़ा को नजरंदाज ही कर दिया…. चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी बड़े नेता की सभा छिंदवाड़ा में नहीं हुई… ना ही कांग्रेस आलाकमान ने कमलनाथ के गढ़ पर कोई फोकस किया… जीतू पटवारी की अगुवाई में कांग्रेस इस पूरे लोकसभा चुनाव में बिखरी हुई ही नजर आई…
लोकसभा चुनाव में बीजेपी की रणनीति और कांग्रेस के बिखराव ने मध्यप्रदेश के वोटर्स का मन एकतरफा बीजेपी की ओर कर दिया…. बीजेपी की रणनीति से जनता में कांग्रेस के खिलाफ ये मैसेज गया कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में हथियार डाल चुकी है…. छिंदवाड़ा की जनता ने भी उलटफेर करने का मन बना लिया.. आखिरकार बीजेपी का मिशन सक्सेस हुआ और छिंदवाड़ा में कांग्रेस का दशकों पुराना किला ढह गया…अब 29-0 के तौर पर नतीजा आपके सामने है…














