उमाकांत त्रिपाठी।छत्तीसगढ़ का पूरा मंत्रिमंडल कल (13 जुलाई) अयोध्या जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, भांचा राम के दर्शन करने हम जा रहे हैं। मुख्यमंत्री इस मौके पर माता शबरी की धरती कहे जाने वाले शिवरीनारायण से बेर फल की टोकरी भी उपहार के रूप में रामलला को भेंट करेंगे।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का विष्णुभोग चावल, कोसा वस्त्र, करी लड्डू, अनरसा और सीताफल भी रामलला को भेंट किया जाएगा। CM साय ने कहा कि, अयोध्या में बने भगवान राम की भव्य मंदिर का दर्शन करेंगे। वहीं इसे छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने नौटंकी बताया है।
बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद बनने के बाद दिया इस्तीफा
22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही चर्चा थी कि मुख्यमंत्री साय और सभी मंत्री अयोध्या जाएंगे। CM साय ने भी कहा था कि जल्दी ही पूरे मंत्रिमंडल के साथ हम अयोध्या जाएंगे। अब ये कार्यक्रम तय हुआ है। शनिवार को साय सरकार का ये अयोध्या दर्शन कार्यक्रम एक दिन का ही होगा। शाम तक सभी मंत्री लौट आएंगे।
जारी कार्यक्रम के मुताबिक, शनिवार को सुबह 9.30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से रवाना होंगे। सुबह 11 बजे महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री 11.15 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम में श्री रामलला का दर्शन और मंदिर भ्रमण करेंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे अयोध्या धाम एयरपोर्ट से रायपुर के लिए वापसी होगी। शाम 6.45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर लौट आएंगे।साय कैबिनेट में फिलहाल मुख्यमंत्री समेत 11 सदस्य हैं। बृजमोहन अग्रवाल ने सांसद बनने के बाद इस्तीफा दिया है।
कांग्रेस बोली
मंत्रिमंडल के अयोध्या प्रवास को कांग्रेस ने नौटंकी बता दिया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार बने 6 महीने से अधिक समय हो चुका है, अब तक मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल के साथ कौशल्या माता के दर्शन करने नहीं पहुंचे। जो विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां कौशल्या मां की गोद में भगवान राम विराजमान है।
सुशील आनंद शुक्ला बोले
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। चंदखुरी में भांचा राम के दर्शन करने सरकार के मंत्री नहीं गए और अयोध्या जा रहे हैं। घर का जोगी जोगड़ा आन गांव का सिद्ध। इसका अर्थ है कि ‘ अपने गांव घर की जगह अन्यत्र अधिक सम्मान’।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने राम वन गमन पथ प्रोजेक्ट शुरू किया था, जिसे द्वेष के चलते भाजपा की सरकार ने बंद कर दिया। भाजपा के लोगों को राम के काम में भी द्वेष दिखाई देता है। अयोध्या जाने की यह सिर्फ नौटंकी है।
जानिए शिवरीनारायण की मान्यता
मुख्यमंत्री जिस शिवरीनारायण से बेर फल की टोकरी लेकर जाएंगे वहां की मान्यता रामायण से जुड़ी है। कहा जाता है कि, प्रभु श्रीराम ने शिवरीनारायण में ही माता शबरी के जूठे बेर खाए थे। इसलिए यह भेंज ननिहाल से अपने भांचा राम को होगी।
वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने रामलला दर्शन योजना भी शुरू की है। इसके तहत प्रदेशभर के श्रद्धालु आस्था स्पेशल ट्रेन से अयोध्या धाम के साथ काशी के भी दर्शन करने जाते हैं। इस योजना से हजारों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। योजना के शुभारंभ के समय ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि जल्द कैबिनेट के साथ अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने जाएंगे।














