उमाकांत त्रिपाठी।मानसून सत्र आज से शुरू हो गया। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान NEET में हुई गड़बड़ी पर बोल रहे थे। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा किया और उनके इस्तीफे की मांग की।
शिक्षा मंत्री बोले- मामला सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट का जो भी निर्देश होगा हम उसे मानेंगे। कोर्ट ने सभी छात्रों के सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट जारी करने को कहा था, जो पब्लिक डोमेन में है।
राहुल गांधी ने कहा- देश को दिख रहा है कि परीक्षा सिस्टम में बहुत सी कमी है। शिक्षा मंत्री ने सबकी कमी गिना दी, लेकिन अपनी नहीं गिनाई। हमारा एग्जाम सिस्टम बकवास है।
इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा- सिर्फ चिल्लाने से झूठ सच नहीं हो जाता। विपक्ष के नेता का यह कहना कि देश की परीक्षा प्रणाली बकवास है, बेहद निंदनीय है।
12 अगस्त तक चलेगा सत्र
संसद का मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र के 22 दिनों में 19 बैठकें होंगी। आज केंद्र सरकार इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। कल यानी 23 जुलाई को आम बजट आएगा। इसके बाद 6 नए बिल पेश किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर का बजट भी इसी सत्र में पेश होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 और आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 स्टेटिस्टिकल अपेंडिक्स पेश किया।
राहुल बोले- शिक्षा मंत्री ने खुदको छोड़कर सबको दोषी ठहराया
अखिलेश यादव बोले
संसद में लोकसभा की कार्रवाई जारी है। विपक्ष ने कहा कि NEET में गड़बड़ी की वजह से कई स्टूडेंट्स की मौत तक हुई है। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कुछ ही जगहों पर गड़बड़ी हुई है। CBI मामले की जांच कर रही है जो एक प्रोसेस है।
सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा- ये सरकार और कोई रिकॉर्ड बनाए न बनाए, पेपर लीक का रिकॉर्ड जरूर बनाएगी। NEET परीक्षा में कई सेंटर ऐसे हैं जहां 2 हजार से ज्यादा बच्चे पास हो गए। जबकि कुल सीटें 30 हजार हैं। जब तक ये शिक्षा मंत्री रहेंगे, बच्चों को न्याय नहीं मिलेगा।
आशा है लोकतंत्र के मंदिर में जनता की आशाओं को पूरा करने के लिए उपयोग होगा
हमारे सभी माननीय सांसद चर्चा को समृद्ध करेंगे। कितने भी विरुद्ध विचार होंगे। विरुद्ध विचार बुरे नहीं होते, नकारात्मक विचार बुरे होते हैं। देश को प्रगति की विचारधारा की जरूरत है। मैं आशा करता हूं कि हम लोकतंत्र के इस मंदिर का देशवासियों की आशाओं को पूरा करने के लिए उपयोग करेंगे।
संसद के पहले सत्र में प्रधानमंत्री का गला घोंटने का किया गया प्रयास
मैं सभी दलों से कहता हूं, जो सांसद पहली बार सदन में आए हैं, उन्हें बोलने का मौका दीजिए। आपने देखा होगा संसद के नई संसद गठन होने के बाद जो पहला सत्र 140 करोड़ देशवासयों ने जिस सरकार को बहुमत के साथ काम करने का हुकुम दिया, उसकी आवाज दबाने का काम किया। देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का प्रयास किया, उनकी आवाज रोकने का काम किया, इसका उन्हें कोई दुख नहीं है। देशवासियों ने हमें यहां देश के लिए भेजा है। दल के लिए नहीं देश के लिए है।














