खबर इंडिया की।अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता श्याम और वीनेश कुंतल ने आगरा के ताजमहल में जबरदस्ती घुस आए और मकबरे के ऊपर गंगाजल चढ़ाया साथ ही दीवार पर ओम का स्टीकर चिपकाया। युवकों ने कहा कि हिंदू महासभा का दावा है कि यह ताजमहल नहीं तेजोमहालय शिव मंदिर है।CISF की टीम ने दोनों युवकों को आगरा पुलिस के हवाले कर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
दोनों युवकों ने कांवड़ का गंगाजल ताजमहल में चढ़ाया
मथुरा की अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष छाया गौतम ने बताया कि31 जुलाई को मैं श्याम और वीनेश कुंतल के साथ वह कासंगज जिले के सोरो से कांवड़ में गंगाजल लेकर निकली थी। 2 अगस्त की रात वह मथुरा पहुंची। क्योंकि, हमने पहले ही ताजमहल में गंगाजल चढ़ाने का ऐलान कर दिया था,इसलिए रात 12 बजे मुझे प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया था। लेकिन, मैं पुलिस को चकमा देखकर निकल गई थी।
संजय जाट बोले-गंगा जल चढ़ाना हिंदुओं का जन्मसिद्ध अधिकार
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट ने कहा कि- हमारे मथुरा के वीरेश चौधरी और श्याम ने तेजोमहालय को गंगाजल से पवित्र किया। गंगा जल चढ़ाना हिंदुओं का जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने कहा कि- अगर तेजोमहालय के अंदर बिरयानी बनेगी, उर्स होगा, कव्वाली होगी तो वह निश्चित रूप से यहां शिव तांडव भी होगा। सावन के महीने में हम लोग लगातार ऐसा करते रहेंगे। आगे बोले-जब विदेशी और स्थानीय लोग ताजमहल के अंदर नमाज पढ़ते हैं, तो उनसे माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया जाता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि बिना शर्त हमारे कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए। अन्यथा ताजमहल और तेजोमहालय में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहेंगे।
युवकों को दो साल तक की हो सकती है सजा
पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ धारा-295 और 295-ए के तहत मुकदमा दर्ज किया है। धारा-295 में किसी व्यक्ति के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा या पवित्र स्थान को प्रभावित करना। इसके अलावा, 295-ए में किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का जानबूझकर अपमान करना। इन मामलों में अधिकत 3 साल की सजा या फिर दोनों हो सकती हैं। पुलिस जांच में पता चला कि श्याम बघेल की मथुरा में मंडी चौराहे पर हलवाई की दुकान है। वहीं, दूसरा आरोपी वीनेश कुंतल खेती का काम करता है।
तहखाने के नीचे है मुमताज और शाहजहां का मकबरा
आगरा में ताजमहल के सेंटर पॉइंट पर एक मुख्य गुंबद बना है। इसी गुंबद के नीचे एक बड़ा तहखाना है, जिसमें मुमताज और शाहजहां का मकबरा है। यह पूरे साल बंद रहता है, सिर्फ शाहजहां के उर्स पर खोला जाता है। इस दौरान तीन दिन तक ताजमहल में फ्री एंट्री रहती है। यह बेसमेंट में बना हुआ है, नीचे जाने के लिए सीढ़ियां हैं। इन्हीं सीढ़ियों के पास से इन दो युवकों ने जल चढ़ाया है। इसी बेसमेंट में शिव मंदिर होने का दावा किया जाता है।














