उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कोलकाता में हुए ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या मामले को लेकर बड़ा बयान दिया। प्रधान ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि, कोर्ट की टिप्पणियों ने पश्चिम बंगाल सरकार की कार्यप्रणाली को “उजागर” कर दिया है।
उन्होंने कहा कि- सुप्रीम कोर्ट ने आरजीकर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में की व्यव्सथाओं और पश्चिम बंगाल सरकार की नाकामी पर ध्यान दिया है। कोर्ट की टिप्पणी ये बताती है कि, सरकार महिला सुरक्षा के मामले में फेल रही है।
क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान
प्रधान ने मंगलवार को कहा कि- “सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों ने पश्चिम बंगाल सरकार की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। पश्चिम बंगाल में एक सरकारी अस्पताल की अपर्याप्तता राज्य सरकार की विफलता को उजागर करती है। इस तरह की असंवेदनशीलता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहि। उन्होंने कहा कि- मुझे उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार के नेता जिम्मेदारी लेंगे और उजागर किए गए मुद्दों को लेकर अपना रुख स्पष्ट करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने उठाए थे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के लिए तीन घंटे इंतजार करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार पर सवाल उठाए थे। शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार की व्यवस्था को लेकर फटकार लगाते हुए कहा था कि- पीड़िता का नाम और ग्राफिक तस्वीरें उसकी निजता या गरिमा की परवाह किए बिना सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित की गई हैं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को आरजी कर अस्पताल मामले में मृतक का नाम, तस्वीरें और वीडियो क्लिप तुरंत हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने चिकित्सा पेशेवरों के लिए हिंसा की रोकथाम और सुरक्षित कार्य स्थितियों पर सिफारिशें करने के लिए 10 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स का भी गठन किया था।














