उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की है। उन्होंने अपने यूक्रेन दौरे के अनुभव को राष्ट्रपति पुतिन के साथ शेयर किया। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बातचीत हुई। हाल ही में प्रधानमंत्री ने यूक्रेन की यात्रा की थी।
पीएम मोदी ने किया पोस्ट
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की और यूक्रेन को हरसंभव मदद पहुंचाने की बात कही है। पीएम मोदी ने अलग-अलग मंचों से इस बात को दोहराया है कि संघर्ष का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है ।रूस यूक्रेन युद्ध और मेरे हालिया यूक्रेन दौरे पर भी चर्चा हुई. रूस यूक्रेन युद्ध के स्थाई और शांतिपूर्ण समाधान का लेकर भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।
जेलेंस्की ने दिया भारत को प्रस्ताव
बता दें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दूसरे यूक्रेन शांति शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत के नाम का प्रस्ताव दिया है। पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा के दौरान जेलेंस्की ने पीएम मोदी के समक्ष भी यह प्रस्ताव रखा था। जेलेंस्की चाहते हैं कि शांति शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत करे। जेलेंस्की का यह बयान कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रथम यूक्रेन शांति शिखर सम्मेलन जून में स्विट्जरलैंड में आयोजित किया गया था, जिसमें 90 से अधिक देशों ने भाग लिया था। 23 अगस्त के पीएम मोदी के दौरे को कई मायनों में डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग एक्ट के तौर पर देखा गया था क्योंकि पिछले महीने ही रूस जाकर राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के उनके कदम की वैश्विक स्तर पर खासी आलोचना हुई थी और पश्चिमी देशों को यह रास नहीं आया था।














