उमाकांत त्रिपाठी। कोलकाता में हो रहे ‘नबन्ना अभियान’ रैली के हिंसक हो जाने के बाद जमकर सियासत हो रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा की ममता बनर्जी ने बंगाल में “क्रूरता और तानाशाही” की सारी हदें पार कर दी हैं।
नड्डा ने कहा कि, “आज पश्चिम बंगाल की सड़कों पर ममता बनर्जी की सरकार और उनकी क्रूर पुलिस द्वारा न्याय की मांग कर रहे बंगाल के डॉक्टरों, युवाओं और महिलाओं के खिलाफ जो हिंसा और दमन देखा गया, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि मानवता के लिए भी शर्मनाक है। पश्चिम बंगाल में एक बेटी के साथ क्रूरता से बलात्कार किया जाता है, लेकिन ममता बनर्जी चुप हैं। एक महिला की अस्मिता को तार-तार किया जाता है, बेटी के माता-पिता को गुमराह किया जाता है और ममता बनर्जी चुप हैं।
ममता ने सारी हदें पार की
नड्डा ने आगे कहा कि- जब देश की युवा शक्ति ने ‘नवान्न अभियान’ चलाकर नए न्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की, तो ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी स्थिति का एहसास हुआ और उन्होंने दोषियों को बचाने के लिए क्रूरता की सभी हदें पार कर दीं। सरकार ने 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया, हावड़ा ब्रिज को सील कर दिया गया, छात्रों पर बंगाल की सड़कों पर लाठीचार्ज किया गया और उन पर पानी की बौछारों से हमला किया गया…एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद, ममता जी बंगाल की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रही हैं।
हम सरकार को उखाड़ फेंकेंगे
नड्डा ने आगे कहा कि भाजपा ने बुधवार सुबह छह बजे से 12 घंटे के लिए बंगाल बंद का आह्वान किया है। उन्होंने कहा, “आम नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार सुबह छह बजे से 12 घंटे के लिए बंगाल बंद का आह्वान किया है। मुझे विश्वास है कि बंगाल की जनता हमारे साथ खड़ी होगी और ममता बनर्जी के अहंकार को चकनाचूर करने तथा ऐसी दमनकारी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”
ममता की क्या मजबूरी है
बीजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बंगाल में क्रूरता और तानाशाही की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने कहा, “बंगाल में ममता जी ने क्रूरता और तानाशाही की सारी हदें पार कर दी हैं। चाहे वह भाजपा कार्यकर्ता की नृशंस हत्या हो, संदेशखली और आरजी कर मेडिकल कॉलेज में मामलों के दोषियों को बचाने के लिए सरकार और प्रशासन की मिलीभगत हो। बंगाल की तानाशाह मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया सभी मामलों में दिखाई देता है। ममता बनर्जी ऐसे अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। इसमें क्या मजबूरी है? आप उन्हें क्यों बचाने की कोशिश कर रहे हैं? यहां रक्षक ही भक्षक बन गया है।














