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चुनाव नतीजे आने के बाद मैंने कहा था… ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम में पीएम मोदी ने दिया ये बड़ा बयान!

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम में शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यक्रम को भी संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे, तो मैंने कहा था कि तीसरे कार्यकाल में हमारी सरकार तीन गुना तेजी से काम करेगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अब इरादे और मजबूत हैं और देश के हर नागरिक की तरह सरकार भी उम्मीद और विश्वास से भरी हुई है।

35 फीसदी बढ़ी ग्लोबल इकोनॉमी
पीएम ने आगे कहा कि पिछले 10 साल में वैश्विक अर्थव्यवस्था केवल 35% बढ़ी है, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था इतने ही समय में लगभग 90% बढ़ी है। यह एक टिकाऊ विकास है जो हमारे देश ने हासिल किया है। यह लगातार आगे बढ़ता रहेगा। हमारा मंत्र लगातार सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन रहा है। देश की उपलब्धियों को देखते हुए हमारे देश की जनता भी अब आत्मविश्वास से भरी हुई है। हमारे सरकार के तीसरे कार्यकाल को अभी 100 दिन भी नहीं हुए हैं। हम फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने में जुटे हैं। हम सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहे हैं। इन 100 दिनों के भीतर देश के 11 लाख ग्रामीण सामान्य परिवारों से 11 लाख नई लखपति दीदी निकलकर आई हैं। पिछले 10 साल में इसने 60,000 से एक लाख अधिक मेडिकल सीटें जोड़ी हैं। अगले पांच साल में 75,000 से अधिक सीटें जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा अब हमारा संकल्प दुनिया भर में हर खाने की मेज पर ‘मेड-इन-इंडिया’ उत्पाद सुनिश्चित कराना है।

पक्के घर, गरीबी और डिजिटल लेन देन पर की बात
PM मोदी ने कहा कि 100 दिन भी नहीं बीते हैं, हम भौतिक बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने में लगे हैं। हम सामाजिक बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहे हैं। हम लगातार सुधारों को आगे बढ़ा रहे हैं। पिछले तीन महीनों में हमने गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए एक के बाद एक बड़े फैसले लिए हैं। हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ नए घरों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 1 दशक में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और ये लोग सिर्फ गरीबी से बाहर नहीं आए हैं, उन्होंने नव मध्यम वर्ग का निर्माण किया है। ये गति और पैमाना ऐतिहासिक है। हमने गरीबों के प्रति सरकार का नजरिया बदला है। उनके पास बैंक खाते नहीं थे, बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। इसलिए हमने उनकी बाधाएं दूर कीं। जिनके पास दशकों से बैंक खाते नहीं थे, वे आज अपने खातों से डिजिटल लेन-देन कर रहे हैं। जिनके लिए बैंकों के दरवाजे बंद थे। उन्हें आज बिना गारंटी के बैंक लोन मिल रहा है, वे आज उद्यमी बन रहे हैं।

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