दिल्लीन्यूज़भारतहेडलाइंस

अगर कोई दोषी है तो भी घर नहीं गिराया जा सकता, मकान तोड़ने के एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

उमाकांत त्रिपाठी। सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर गंभीर सवाल उठाए हैं…दरअसल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बुलडोजर मामलों की सुनवाई शुरू हुई…. जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच के सामने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें पेश कीं. मेहता ने कहा कि जो कार्रवाई की गई है, वह म्युनिसिपल कानून के मुताबिक ही की गई है…

इस पर सख्त टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आरोपी होने के आधार पर किसी के घर को गिराना उचित नहीं है. अदालत ने शासन और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति दोषी भी है, तो भी उसके घर को गिराया नहीं जा सकता. कोर्ट ने ये भी कहा कि, सभी पक्षों को सुनने के बाद हम इस मामले में दिशा-निर्देश जारी करेंगे.. जो पूरे देश में जारी होगा… इस संबंध में नई गाइडलाइन बनाए जाने की जरुरत है…

जमीयत ने की थी मांग
आपको बता दें कि जमीयत उलेमा ए हिन्द ने इसे लेकर याचिका दाखिल की थी.. जमीयत ने आरोपियों के घरों पर मनमाने ढंग से बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने की मांग की है..आपको बता दें कि हाल ही में हुए कई बुलडोजर एक्शन हुए हैं.. बीते एक सालों में कई राज्यों में अपराधियों की संपत्तियों को बुलडोजर से ढहा दिया गया था….

बुलडोजर चलाने का लगाया आरोप
जमीयत के वकील फारूक रशीद का कहना है कि अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करने और उन्हें डराने के लिए राज्य सरकारें घरों और संपत्तियों पर बुलडोजर एक्शन को बढ़ावा दे रही हैं। याचिका में यह भी आरोप है कि सरकारों ने पीड़ितों को अपना बचाव करने का मौका ही नहीं दिया। बल्कि कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए बिना पीड़ितों को तुरंत सजा के तौर पर घरों पर बुलडोजर चला दिया।

बुलडोजर की बड़ी कार्रवाई
मध्यप्रदेश के छतरपुर में पुलिस पर पथराव के आरोपी की कोठी पर एक्शन
राजस्थान के उदयपुर में दो बच्चों में चाकूबाजी के बाद आरोपी के घर चला बुलडोजर
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बलिया में 2 आरोपियों की 6 संपत्तियां तोड़ी गईं

Related Posts

1 of 818

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *