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महाराष्ट्र कैबिनेट पर फैसला जल्द: अजित पवार ने की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात, जानें मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख

उमाकांत त्रिपाठी।महाराष्ट्र में महायुति की सरकार बन गई है और पावर शेयरिंग के फॉर्मूले पर सहमति को अंतिम रूप दिया जाने लगा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बाद गुरुवार सुबह एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. ये मुलाकात संसद भवन में अमित शाह के दफ्तर में हुई है. अजित पवार के साथ एनसीपी के सांसद प्रफुल्ल पटेल भी थे.तीनों नेताओं के बीच देर तक बातचीत होती रही. माना जा रहा है कि एनसीपी महायुति सरकार में एक बार फिर वित्त समेत अपने पुराने विभाग लेना चाहती है. अमित शाह के साथ मीटिंग के बाद अजित पवार ने बताया कि कैबिनेट का विस्तार 14 दिसंबर को होना है. इससे पहले अजित पवार, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल समेत पार्टी नेताओं ने दिल्ली में एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की और जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.

फडणवीस भी कर चुके हैं अमित शाह से मुलाकात
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी बुधवार शाम दिल्ली पहुंचे और यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर मंत्रिमंडल बंटवारे को लेकर लंबा मंथन किया. इस दौरान बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी थे. फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की.

16 दिसंबर को है  शीतकालीन सत्र
महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन में प्रचंड जीत हासिल की है. बीजेपी ने 132, शिवसेना ने 57, एनसीपी ने 41 सीटें जीती हैं. 23 नवंबर को नतीजे आए और 5 दिसंबर को फडणवीस ने सीएम, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम की शपथ ली थी. अब मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी है. महाराष्ट्र में 14 दिसंबर को नए मंत्रिमंडल के सदस्यों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम है. 16 दिसंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है.महाराष्ट्र में कुल 288 सीटें हैं. सरकार में कुल 43 मंत्री शामिल सकते हैं. बीजेपी 20 मंत्री पद अपने पास रखने की तैयारी में है. एकनाथ शिंदे की पार्टी को 12 और अजित पवार की पार्टी को 10 मंत्रालय दिए जाने की तैयारी है.

 

जानें-बड़े नामों से किनारा?
सूत्रों ने बताया कि महायुति के नए मंत्रिमंडल विस्तार में बड़े नामों को शामिल नहीं किया जाएगा. यानी बड़े और कुछ दिग्गज नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलेगी. अटकलें हैं कि पिछली कैबिनेट में कई दिग्गज नेताओं का खराब प्रदर्शन रहा है, जिसके कारण सरकार की साख गिरी है और विपक्ष को हमले करने का मौका मिला है. ऐसे में अलायंस पार्टनर्स इस बात पर सहमति जता रहे हैं कि ऐसे नेताओं को इस बार कैबिनेट से बाहर किया जाना चाहिए.सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के नए राज्य मंत्रिमंडल में साफ-सुथरी छवि वाले विधायकों को ही जगह दी जाएगी. विवादित नेताओं से दूरी बनाई जाएगी. एनडीए का केंद्रीय हाईकमान भी इस बात पर जोर दे रहा है कि पुराने दागी मंत्रियों को दोबारा कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.

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