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दिल्ली में बनेगा वीर सावरकर के नाम पर कॉलेज, पीएम मोदी रखेंगे आधारशिला, इस दिन रखी जाएगी नींव

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 जनवरी को वीर सावरकर के नाम पर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के नए कॉलेज की आधारशिला रख सकते हैं. इसके साथ ही पीएम मोदी दिल्ली में दो नए विश्वविद्यालय परिसर का भी आधारशिला रख सकते हैं. विश्वविद्यालय के सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 जून द्वारा पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली में दो नए दिल्ली विश्वविद्यालय परिसरों और वीर सावरकर के नाम पर एक कॉलेज की आधारशिला रखी जा सकती है.आपकों बता दें कि- दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने 2021 में कॉलेज के निर्माण को स्वीकृति दी थी. यह कॉलेज नजफगढ़ में बनाया जाएगा. सावरकर के नाम पर बनने वाले कॉलेज को 140 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा.सूत्रों का कहना है कि- दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से प्रधानमंत्री को आधारशिला रखने के लिए निमंत्रण दिया है, हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने अभी तक पुष्टि नहीं की है. विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसका इंतजार किया जा रहा है.

दो नए विश्वविद्यालय परिसर का भी आधारशिला रखेंगे पीएम
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी दिल्ली में दो विश्वविद्यालय की भी आधारशिला रख सकते हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय का पहले ही नॉर्थ और साउथ कैंपस है. प्रस्तावित विश्वविद्यालय पूर्वी और पश्चिम दिल्ली में बनाए जाएंगे.सूरजमल विहार में प्रस्तावित पूर्वी परिसर 373 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित किया जाएगा, जबकि द्वारका में पश्चिमी परिसर पर 107 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है.

नजफगढ़ और फतेहपुर बेरी में आवंटित की गई है जमीन
2021 में, कार्यकारी परिषद ने दिवंगत भाजपा नेता सुषमा स्वराज के नाम पर एक कॉलेज का नाम रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी. डीयू के कुलपति योगेश सिंह को दो आगामी कॉलेजों के लिए नामों के समूह में से नाम चुनने का अधिकार दिया गया.अन्य नामों में स्वामी विवेकानंद, वल्लभभाई पटेल, अटल बिहारी वाजपेयी और सावित्रीबाई फुले शामिल थे. विश्वविद्यालय ने दो कॉलेजों की स्थापना के लिए नजफगढ़ और फतेहपुर बेरी में दो भूखंड आवंटित किए हैं.विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि- दो नए विश्वविद्यालय और एक नए कॉलेज के निर्माण से छात्रों को काफी सुविधा मिलेगी. चूंकि ये विश्वविद्यालय पूर्वी और पश्चिम दिल्ली में बनाए जा रहे हैं. इससे पूर्वी और पश्चिम दिल्ली के इलाके में रहने वाले छात्रों को काफी सुविधा मिलेगी. फिलहाल इन इलाकों में रहने वाले छात्रों को उत्तर और दक्षिण दिल्ली स्टडी के लिए जाना पड़ता है.

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