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बिहार विधानसभा चुनाव: जेडीयू अध्यक्ष के घर ‘दड़ी-चूड़ा’ खाने पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह, जानें क्या है रणनीति?

उमाकांत त्रिपाठी।Bihar Assembly Election 2025: इस साल बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले जहां पटना में एक ओर INDIA Bloc के आरजेडी और कांग्रेस मीटिंग कर रहे हैं, जिसमें राहुल गांधी, लालू यादव और तेजस्वी समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चुनाव ‘दड़ी-चूड़ा’ पॉलिटिक्स से बिहार की चुनावी रणनीति को साधने की तैयारी में लगे हैं. गृह मंत्री शाह ने ‘दही चूड़ा’ कार्यक्रम के लिए जेडी(यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के आवास पर पहुंचे. शाह का ये कदम साफ तौर पर बिहार चुनाव के लिए उनकी प्लानिंग का हिस्सा है. वह इसके जरिए अपनी सबसे बड़ी सहयोगी (JDU) को अपने पाले में सुनिश्चित करने का काम कर रहे हैं क्योंकि कई बार नीतीश कुमार को लालू यादव की ओर से गठबंधन का निमंत्रण आ चुका है. हालांकि, नीतीश इसे कई बार खारिज भी कर चुके हैं.

 

दड़ी-चूड़ा’ के साथ अमित शाह का सियसी दांव
अमित शाह समेत बीजेपी नेताओं ने पहले ही एलान कर दिया है कि NDA नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि- सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा. अमित शाह भी को पता है कि सहयोगी (JDU) के बिना नैया पार करना मुश्किल है. हालांकि, इस भोज को बस ‘दड़ी-चूड़ा’ तक ही सीमित रखने की बात कही जा रही है, लेकिन मीडिया रिपोर्टंस के मुताबिक, यहां आगामी चुनाव को लेकर रणनीति पर बात और चर्चा भी हुई है.करीब एक महीने पहले अमित के एक बयान ने नीतीश कुमार समेत JD(U) की टेंशन बढ़ा दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि- आने वाले समय में ये तय किया जाएगा कि किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा. हालांकि, बाद में बीजेपी नेताओं ने साफ कर दिया था कि नीतीश ही सीएम फेस होंगे. सियासी खटपट के बीच अमित शाह ने अपने सहयोगी दलों के साथ बैठक शुरू कर दिया है, जो ‘दड़ी-चूड़ा’ भोज के साथ शुरू हुआ.

 

खरमास खत्म और सियासी दांव हुआ शुरू
बिहार में खरमास खत्म होने पर ही शुभ कार्य किया जाता है. ऐसे में बगहा के बबुई टोला मैदान में 15 जनवरी को बड़ी बैठक हुई. इसी के साथ विधानसभा चुनाव का आगाज किया गया. चुनाव में NDA ने 225 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. NDA में पांच घटक दल हैं, जिनमें बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) सबसे बड़े सहयोगी के तौर पर सत्ता में हैं. वहीं लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLP) भी शामिल है.

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