उमाकांत त्रिपाठी। भारत-यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनेंगे। हाल ही में यूएई के राजदूत, अब्दुल नासिर अलशाली ने एक इंटरव्यू दिया। इसमें उन्होंने दोनों देशों के संबध पर बात की। इस दौरान अलशाली ने भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) और यूएई-भारत सीईपीए परिषद (यूआईसीसी) के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापारिक संबंधों को और बढ़ावा देने का काम करेंगे।
क्या है यूएई-भारत सीईपीए परिषद का मकसद?
अब्दुल नासिर अलशाली ने बताया कि 10 जनवरी, 2024 को वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान यूएई-भारत सीईपीए परिषद (यूआईसीसी) को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। इस परिषद का उद्देश्य भारत और यूएई के व्यापारिक समुदायों को यूएई-भारत सीईपीए के तहत मिलने वाले फायदों से अवगत कराना और इसे आगे बढ़ाना है। 1 मई 2022 को लागू हुआ यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति जायद निभाएंगे अहम भूमिका
अब्दुल नासिर अलशाली ने भारत-यूएई संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंधों को नई रफ्तार मिली है। उनका कहना था कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति जायद की सक्रियता और नेतृत्व से दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकें और दौरे हो रहे हैं, जो रिश्तों को और प्रगाढ़ बना रहे हैं। राजदूत अलशाली ने भारत और यूएई के रिश्तों को ऐतिहासिक और प्राचीन बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध सैकड़ों साल पुरानी परंपरा का हिस्सा रहे हैं, और यह विश्वास जताया कि भविष्य में भी यह संबंध मजबूत बने रहेंगे।














