खबर इंडिया की।Mohammed Shami and Hasin Jahan खबरों के मुताबिक, जनवरी 2023 में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश दिया कि शमी को 1,30,000 रुपये का मासिक गुजारा भत्ता मिलेगा. कोर्ट के फैसले के बाद हसीन जहां ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मासिक गुजारा भत्ता की राशि उनकी उम्मीदों से कम है. उन्होंने संकेत दिया कि वे इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं.

भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी एक्स वाइफ हसीन जहां का किस्सा जग जाहिर है. कैसे एक इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी की चीयरलीडर के तौर पर काम करते हुए उनका रिश्ता शुरू हुआ और शादी के बाद ये लव स्टोरी तलाक तक पहुंची.

भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने हसीन जहां के साथ दो साल के रिश्ते के बाद 6 जून 2014 को निकाह किया था. शादी के बाद हसीन जहां ने मॉडलिंग और एक्टिंग से ब्रेक ले लिया था.

साल 2015 में भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और हसीन जहां को एक बेटी हुई थी. दोनों ने मिलकर बड़े प्यार से उसका नाम आयरा रखा. बेटी जब महज 3 साल की थी तो शमी और हसीन का रिश्ता बिगड़ गया. साल 2018 में हसीन जहां ने मोहम्मद शमी पर घरेलू हिंसा के अलावा कई और आरोप लगाए.

रिपोर्ट के अनुसार 2018 में हसीन जहां ने मोहम्मद शमी के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज किया और 10 लाख रुपये की मासिक गुजारा भत्ता की मांग की. उन्होंने बताया कि- 7,00,000 रुपये उनके खर्चों के लिए और 3,00,000 रुपये उनकी बेटी के रखरखाव के लिए चाहिए.

खबरों के मुताबिक, जनवरी 2023 में कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश दिया कि शमी को 1,30,000 रुपये का मासिक गुजारा भत्ता मिलेगा. कोर्ट के फैसले के बाद हसीन जहां ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मासिक गुजारा भत्ता की राशि उनकी उम्मीदों से कम है. उन्होंने संकेत दिया कि वे इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं.

खबर के मुताबिक हसीन जहां के वकील ने कोर्ट को बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में शमी की वार्षिक आय 7 करोड़ रुपये से अधिक थी. इसी आधार पर उन्होंने 10 लाख रुपये के मासिक गुजारा भत्ता की मांग को सही ठहराया.














