उमाकांत त्रिपाठी।लंबी चर्चा और बहसबाजी के बाद लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल 2025 पास हो गया. इस दौरान हिमाचल प्रदेश के सांसद अनुराग ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार रखे. वहीं, केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भी सदन में बिल के पक्ष में अपनी बातें कहीं. हालांकि, सदन में अमित शाह ने अपने भाषण में हिमाचल प्रदेश की मस्जिद का भी जिक्र किया.
सदन में भाषण के दौरान अमित शाह ने कहा कि-हिमाचल प्रदेश में वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताकर उस पर अवैध मस्जिद बनाने का काम किया. हालांकि, अमित शाह ने अपने भाषण में किसी जगह का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा संजौली मस्जिद की तरफ ही था. क्योंकि हाल ही में पांच महीने पहले शिमला के संजौली मस्जिद को लेकर खासा बवाल हुआ था.
संजौली मस्जिद पर वक्फ बोर्ड का दावा
हिमाचल प्रदेश के शिमला की संजौली मस्जिद को लेकर बीते साल सितंबर महीने में विवाद हुआ था. इस मस्जिद की तीन मंजिलें अवैध बनाईं गई थी, जिन्हें गिराने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं. मस्जिद में अवैध निर्माण को गिराने का काम भी रुक रुक कर हो रहा है. वक्फ बोर्ड का दावा है कि-यह मस्जिद आजादी से पहले ही की है और वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनी है. जबकि मस्जिद के विवाद के बाद मंत्री अनिरुध सिंह ने कहा था कि यह मस्जिद सरकार जमीन पर बनी है. गौरतलब है कि हिमाचल में बक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सहित सदस्यों की नियुक्ति बीते दो साल से नहीं हुई है और यह पद खाली चल रहे हैं.
शिमला में वक्फ के पास है जमीन
शिमला शहर में 70 बीघा जमीन पर वक्फ बोर्ड का मालिकाना हक है. इसमें संजौली, छोटा शिमला, लक्कड़ बाजार, बैम्लोई, ताराहाल, बालूगंज और लोअर बाजार सर्किल जैसे इलाके शामिल हैं. संजौली में तो काफी इलाके पर वक्फ बोर्ड का दावा है. शहर में सबसे ज्यादा 46 बीघा जमीन टुटीकंडी के पांजड़ी में है. वहीं, लक्कड़ बाजार में 7.41 और ताराहाल में 6.13 बीघा भूमि पर बोर्ड का मालिकाना हक है. शिमला जिला प्रशासन से मिली जानकारी में शहर के सात सर्किलों में 11 मुहाल पर वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं.गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेस में वक्फ बोर्ड की 5500 से अधिक संपत्तियां हैं.














