उमाकांत त्रिपाठी। संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह में ऑयल पोर्ट पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। भारत सरकार ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है।
भारत ने कहा कि आम नागरिकों और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए।
इससे पहले यूएई ने दावा किया था कि उसने ईरान की 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि आम लोगों और महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि- भारत इस मुद्दे पर यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही निकाला जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां से जहाजों की निर्बाध आवाजाही क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए जरूरी है। साथ ही इसका सीधा संबंध वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से संयम बरतने और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की अपील की है।















