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इंटरनेशनल नर्स डे आज, गृहमंत्री अमित शाह ने दी खास मौके पर शुभकामनाएं, जानिए इस दिन का महत्व और पूरी कहानी

उमाकांत त्रिपाठी। हर साल 12 मई को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन नर्सों के सम्मान में समर्पित होता है, जो अस्पतालों, क्लीनिकों, आपातकालीन सेवाओं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की देखभाल कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाती हैं।
नर्सें केवल दवा और उपचार तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि मरीजों को भावनात्मक सहारा देने, स्वास्थ्य निगरानी करने, आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने और परिवारों को मार्गदर्शन देने जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नर्सों को सम्मान देते हुए कहा कि नर्सें पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण हैं और देश को उनके योगदान पर गर्व है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस हर वर्ष फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर मनाया जाता है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को हुआ था और उन्हें आधुनिक नर्सिंग की जनक माना जाता है।
उन्होंने क्राइमियन युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा कर नर्सिंग पेशे को नई पहचान दी। अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों की देखभाल के बेहतर मानक स्थापित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। रात में हाथ में दीपक लेकर मरीजों का हाल जानने की वजह से उन्हें ‘द लेडी विद द लैम्प’ कहा जाता था।
इस दिन को मनाने का विचार पहली बार 1953 में अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी डोरोथी सदरलैंड ने रखा था। हालांकि उस समय इसे आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली। बाद में अंतरराष्ट्रीय नर्स परिषद यानी ICN ने 1965 से इस दिन को मनाना शुरू किया। 1974 में 12 मई को आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस घोषित किया गया।
साल 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की थीम है, “Our Nurses. Our Future. Empowered Nurses Save Lives.” यानी “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य: सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं।” इस थीम का उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सों की भूमिका को मजबूत करना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार नर्सें वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा हैं। उनकी जिम्मेदारियों में मरीजों को दवाएं देना, स्वास्थ्य निगरानी करना, सर्जरी के दौरान डॉक्टरों की मदद करना, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल करना और सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना शामिल है।
हालांकि नर्सों को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इनमें वैश्विक स्तर पर नर्सों की कमी, लंबे कार्य घंटे, मानसिक तनाव, सीमित संसाधनों में काम करने का दबाव और बेहतर वेतन व सुरक्षा की मांग शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर दुनियाभर में सम्मान समारोह, मेडिकल कैंप, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, सेमिनार और सोशल मीडिया अभियानों का आयोजन किया जाता है।
यह दिन उन लाखों नर्सों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो हर दिन अपनी सेवा और समर्पण से लोगों की जान बचाती हैं।

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