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यूपी के एक शख्स ने पीएम मोदी को लिखी खून से चिट्ठी, कहा-आतंकवादियों को ऐसी सजा दीजिए कि…आने वाली पीढ़ियां सोचने पर मजबूर हो जाए;

उमाकांत त्रिपाठी।Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम मे 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों ने दो दर्जन सैलानियों का निर्मम हत्या की है. इस घटना के विरोध में पूरे देश में गुस्सा और आक्रोश है. लोगों का यह आक्रोश भौतिक रूप के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी दिखाई पड़ रहा है. अमेठी के रहने वाले युवक प्रभात पांडेय जो सरदार भगत सिंह ब्रिगेड के राष्ट्रीय संयोजक भी है. उन्होंने आज अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के पत्र लिखा है. यह पत्र वह रजिस्टर्ड डाक से पीएम मोदी के पास भेजेंगे.

पत्र में उन्होंने लिखा है कि- ऐ मजहबी दरिंदों तुम्हारी दरिंदगी कभी नहीं भूलेंगे और ना ही माफ करेंगे. आतंकवाद की कोख को बांझ करके तुम्हें तुम्हारी नापाक कब्र से निकाल कर तुम्हारे वहसीपन कि वह सजा देंगे की आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगे करेंगी. विश्व के महानतम लोकतंत्र के मंदिर में बैठे हुए भारत के भाग विधाता माननीयों से निवेदन है कि इस मुद्दे पर वोट व तुष्टिकरण की राजनीति न करें. वरना आने वाले समय में होने वाली रक्त रंजित क्रांति के जिम्मेदार आप होंगे और इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा.

आतंकवादियों को कड़ी सजा देने की मांग
पत्र लिखने वाले प्रभात पांडेय ने बताया कि- इस पत्र के माध्यम से मैं सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूं कि- हम सभी लोग तन मन और धन से भारत के प्रधानमंत्री के प्रत्येक निर्णय में उनके साथ खड़े हैं. जरूरत पड़ेगी तो हम अपना खून भी देश के लिए बहाएंगे. ऐसे आतंकवादियों को इस तरह की सजा दी जाए की आने वाली पीढ़ियां यह सोचने पर मजबूर हो जाए की ऐसा कदम उठाने से पहले उनकी रूह कांप जाए.

विपक्ष के नेताओं से एकजुट होने का किया अनुरोध
प्रभात पांडेय ने कहा कि, वहां पर आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर गोली मारी है. इसलिए पक्ष और विपक्ष सभी से मेरा अनुरोध है कि राष्ट्र हित में वह एक हो जाएं और प्रधानमंत्री जी का साथ दें. आतंकवादियों को उनके सही जगह पहुंचाने में यदि हमारे देश की जीडीपी गिरती है तो गिर जाने दे. यदि हम आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं तो हो जाने दें. यही नहीं हम लोग तो पाषाण युग में जाने के लिए भी तैयार हैं लेकिन हर कीमत पर ऐसे आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देना बहुत ही जरूरी है. इसकी सीख हम इसराइल जैसे छोटे देश से ले सकते हैं.

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