उमाकांत त्रिपाठी।भारत और यूरोप के रिश्तों में अब सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि संस्कृति और इतिहास का भी आदान-प्रदान हो रहा है। पीएम मोदी की क्रोएशिया यात्रा के दौरान ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला, जब उन्हें एक ऐसा तोहफा मिला जिसने दोनों देशों के पुराने रिश्तों को फिर से ताजा कर दिया। संस्कृत व्याकरण की एक 235 साल पुरानी किताब जब क्रोएशिया के प्रधानमंत्री ने मोदी को सौंपी, तो ये सिर्फ एक तोहफा नहीं था, बल्कि दोस्ती की ओर एक बड़ा कदम था।पीएम मोदी को जो किताब गिफ्ट में मिली, वह “वेजदिन की संस्कृत ग्रामर” की रीप्रिंट कॉपी थी। यह दुनिया की पहली संस्कृत व्याकरण की किताब है जिसे लैटिन भाषा में लिखा गया था। इसे 1790 में क्रोएशियन विद्वान और मिशनरी फिलिप वेजदिन ने भारत में रहते हुए प्रकाशित किया था। यह किताब भारत और क्रोएशिया के बीच सांस्कृतिक रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।
भारत-क्रोएशिया संबंधों पर एक खास किताब
क्रोएशियन प्रधानमंत्री ने मोदी को एक और किताब दी जिसका नाम है, “क्रोएशिया एंड इंडिया: बाइलेटरल नेविगेटर फॉर डिप्लोमेट्स एंड बिजनेस”। इसे क्रोएशिया के राजनयिक सिनीसा ग्रगिक ने लिखा है। इस किताब में दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय रिश्तों को बेहतर समझाने की कोशिश की गई है।
आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर बातचीत
इस दौरे में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की। ANI के मुताबिक, कृषि, संस्कृति, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री प्लेंकोविच ने कहा कि भारत उनके लिए एक बेहद अहम एशियाई व्यापारिक भागीदार है।
बढ़ रहा है व्यापार और टूरिज्म
क्रोएशिया के प्रधानमंत्री के मुताबिक, 2024 में भारत और क्रोएशिया के बीच व्यापार 242 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था और 2025 के पहले तीन महीनों में यह 10% और बढ़ गया है। साथ ही, क्रोएशिया आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। दोनों देश ICT, फार्मा इंडस्ट्री और समुद्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं।
पीएम मोदी की जगरेब में पहली यात्रा
यह पीएम मोदी की क्रोएशिया की पहली आधिकारिक यात्रा थी। पीएम प्लेंकोविच ने जगरेब में उनका भव्य स्वागत किया। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “हमने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जगरेब में स्वागत किया। यह पहली बार है जब भारत के प्रधानमंत्री ने क्रोएशिया का दौरा किया है। यह एक अहम भू-राजनीतिक पल है और भारत-क्रोएशिया रिश्तों में नया अध्याय शुरू हुआ है।”
भारतीय समुदाय से भी की मुलाकात
जगरेब पहुंचने पर पीएम मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की। क्रोएशिया पीएम की ये यात्रा उनके तीन देशों के टूर का आखिरी पड़ाव था और इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि भारत अब यूरोप के देशों से ना सिर्फ व्यापारिक बल्कि सांस्कृतिक रिश्ते भी गहरा करने पर जोर दे रहा है।















