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भारत-इंग्लैंड चौथे टेस्ट से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका, चोटिल हुए आकाश दीप, इस गेंदबाज को मिली जगह

खबर इंडिया की।दाएं हाथ के तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज को आकाश दीप और अर्शदीप सिंह के कवर के तौर पर भारतीय टीम में शामिल किया गया है। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से ओल्ड ट्रैफर्ड में शुरू होगा। भारत सीरीज में 1-2 से पीछे है।

आकाश दीप कमर में दर्द से जूझ रहे हैं। वे इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे और तीसरे टेस्ट मैच में खेले थे, जबकि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप ने अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है। टेस्ट सीरीज से पहले खेले गए इंग्लैंड लायंस और इंडिया-ए सीरीज में कंबोज शामिल थे।
सुत्रों के मुताबिक, आकाश दीप की उपलब्धता पर अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं है, जबकि अर्शदीप के मैनचेस्टर टेस्ट के लिए चयन के लिए उपलब्ध होने की संभावना कम है। इसलिए सिलेक्टर्स ने कंबोज को टीम में शामिल करने का फैसला किया है।

अर्शदीप बॉलिंग के दौरान चोटिल हुए अर्शदीप सिंह गुरुवार को चौथे टेस्ट के लिए प्रैक्टिस कर रहे थे। बॉलिंग के दौरान वे गेंद रोकने की कोशिश में खुद को इंजर्ड कर बैठे। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच टेन डोश्चेट ने बताया था कि बॉलिंग के दौरान अर्शदीप के हाथ में कट लग गया। ये कट कितना गहरा है, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। अगर उन्हें हाथ में टांके लगाने की जरूरत पड़ी तो उनका प्रैक्टिस करना भी मुश्किल हो जाएगा।

भारतीय टीम मैनचेस्टर पहुंची भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला 23 जुलाई से मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमें रविवार को मैनचेस्टर पहुंच गईं। उससे पहले टीमें लंदन के बेकनहम में ही प्रैक्टिस कर रही थीं। लंदन के द लॉर्ड्स स्टेडियम में तीसरा टेस्ट खेला गया था। जिसे इंग्लैंड ने 22 रन से जीतकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। भारत ने दूसरा टेस्ट जीता था। टीम इंडिया चौथा टेस्ट जीतकर सीरीज में 2-2 से बराबरी करना चाहेगी।

अंशुल ने रणजी ट्रॉफी की एक पारी में 10 विकेट झटके टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड लायंस के खिलाफ इंडिया-ए के लिए दो मैचों में शानदार प्रदर्शन के बाद 24 साल के कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने नॉर्थेम्पटन और कैंटरबरी में चार पारियों में पांच विकेट लिए थे।
पिछले साल लाहली में केरल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने के बाद कंबोज सुर्खियों में आए थे। वह बंगाल के प्रेमांसु चटर्जी (1956-57) और राजस्थान के प्रदीप सोमसुंदरम (1985-86) के बाद रणजी ट्रॉफी में यह उपलब्धि हासिल करने वाले केवल तीसरे गेंदबाज हैं।

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