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बृजभूषण के परिवार ने की पीएम मोदी-अमित शाह से मुलाकात, जमकर हो रही इस सियासी तस्वीर की चर्चा

उमााकांत त्रिपाठी।उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का परिवार है. बृजभूषण कभी अपने बयानों को लेकर तो कभी मुलाकातों को लेकर चर्चा में रहते हैं. यूपी के सीएम योगी से बृजभूषण और उनके परिवार का जो मुलाकात का सिलसिला शुरू हुआ, वो दिल्ली दरबार तक पहुंच गया है. बृजभूषण के छोटे बेटे, बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने अपने परिवार के साथ पीएम मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.

बृजभूषण शरण सिंह की सियासी विरासत संभाल रहे करण भूषण सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. करण भूषण के साथ उनकी बेटी कामाक्षी सिंह और बेटा अमर्थ भूषण सिंह भी साथ रहे. इस दौरान कामाक्षी और अमर्थ ने पीएम मोदी को एक छोटा सा गदा भेंट किया तो पीएम ने बच्चों से गदा के बारे में जानकारी ली.

करण भूषण की पीएम मोदी के साथ करीब आधे घंटे की मुलाकात रही. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों से बातचीत करने के साथ-साथ पढ़ाई की टिप्स भी दीं. फिर आखिर में चलते समय पीएम ने बच्चों से कहा कि अपने बाबा (बृजभूषण शरण सिंह) को मेरा प्रणाम बोलना. प्रधानमंत्री से भले ही बृजभूषण सिंह न मिले हों, लेकिन उनके बेटे करण भूषण की मुलाकात को सियासी नजरिए से देखा जा रहा है.

जानें- बृजभूषण सिंह की सियासी हनक
बृजभूषण शरण सिंह पूर्वांचल से आते हैं और ठाकुर समुदाय से हैं. सीएम योगी जिस गोरख पीठ के महंत हैं, बृजभूषण सिंह कभी उसी मठ के महंत रहे अवैद्यनाथ के करीबी माने जाते थे. पूर्वांचल की सियासत में सीएम योगी और बृजभूषण सिंह दोनों नेताओं की अपनी-अपनी सियासी हनक है, लेकिन पिछले तीन साल से उनके रिश्तों में सियासी दूरियां आ गई थीं.लोकसभा चुनाव में बृजभूषण सिंह सिर्फ अपने बेटे की कैसरगंज सीट तक ही सीमित रहे. बृजभूषण के एक बेटे गोंडा से विधायक हैं तो दूसरे बेटे कैसरगंज से सांसद हैं. यही नहीं, देवीपाटन के इलाके में उनके तमाम करीबी नेता विधायक और ब्लॉक प्रमुख से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्य तक हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और आसपास के जिलों में, जहां उनकी क्षत्रिय बिरादरी और समर्थक वर्ग में उनका खासा प्रभाव है. ऐसे में बीजेपी के लिए बृजभूषण काफी अहम फैक्टर माने जाते हैं.

 

योगी से शुरू हुआ था मुलाकात का सिलसिला
बृजभूषण सिंह अब सीएम योगी के साथ अपने रिश्ते सुधारने में जुट गए हैं, जिसके लिए ही 31 महीने बाद दोनों नेताओं की पिछले दिनों मुलाकात हुई है. दोनों नेताओं की मुलाकात मुख्यमंत्री आवास, 5 कालीदास मार्ग पर हुई. 55 मिनट तक बृजभूषण और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात चली थी, जिसके सियासी मायने निकाले जाने लगे थे.माना जाता है कि- दिल्ली से बीजेपी हाईकमान और बृजभूषण का परिवार के पहल पर दोनों दिग्गज नेताओं के आपसी रिश्ते सुधारने का प्रयास किया. यही वजह है कि दिल्ली में सीएम योगी की बीजेपी नेतृत्व से मीटिंग के बाद बृजभूषण शरण सिंह उनसे लखनऊ में मिलने पहुंचे थे. इसके बाद सांसद करण भूषण सिंह और गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात की थी.

केशव मौर्य से मिले प्रतीक भूषण
बृजभूषण शरण सिंह ने लखनऊ में सीएम योगी से मुलाकात के दूसरे दिन उनके बेटे विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की थी. यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई थी, जब पार्टी में संभावित संगठनात्मक बदलाव और कैबिनेट विस्तार की चर्चा चल रही थी. ऐसे में प्रतीक भूषण सिंह के मंत्री बनाए जाने की चर्चा गर्मा गई थी. इस मसले पर बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस प्रकार के फैसले मुख्यमंत्री और पार्टी के निर्णय के तहत होते हैं.

पीएम मोदी और शाह से मुलाकात
करण भूषण अपने पिता बृजभूषण की परंपरागत सीट कैसरगंज से बीजेपी के सांसद हैं. इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों के चलते बृजभूषण सिंह को टिकट न देकर उनके बेटे करण भूषण को कैसरगंज सीट से उतारा था. बीजेपी नेताओं ने भी बृजभूषण सिंह से दूरी बना ली थी, लेकिन अब उन्हें क्लीन चिट मिलने के बाद उनकी सियासी हलचल बढ़ गई है.बीजेपी नेतृत्व के साथ बृजभूषण सिंह और उनके परिवार की मुलाकात का दौर भी शुरू हो गया है. यूपी में सीएम योगी और केशव प्रसाद से मुलाकात के बाद बृजभूषण सिंह के बेटे करण भूषण ने अपने दोनों बच्चों के साथ मंगलवार को दिल्ली में पहले अमित शाह से मिले और उसके बाद पीएम मोदी से मुलाकात की.

मोदी के साथ बृजभूषण की केमिस्ट्री
राम मंदिर आंदोलन से बृजभूषण सिंह जुड़े थे और छह बार सांसद रहे हैं. 1991 से लेकर 2004 तक लगातार बीजेपी से लोकसभा सांसद रहे. इसके बाद 2009 में बीजेपी छोड़कर सपा से लोकसभा पहुंचे. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को पीएम पद का चेहरा घोषित किया था. इसके बाद नरेंद्र मोदी ने बृजभूषण को फोन करके बीजेपी छोड़ने की वजह जानी और फिर घर वापसी करने का न्योता दिया था. पीएम मोदी के कहने के बाद बृजभूषण ने अमित शाह से झांसी में मुलाकात की और सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

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