उमााकांत त्रिपाठी।Mizoram Train: मिजोरम के लोगों के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है. आजादी के 78 साल बाद आखिरकार राज्य की राजधानी आइजोल भारतीय रेलवे के नक्शे पर जुड़ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर 2025 को बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन का उद्घाटन करेंगे. इस लाइन को नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिहाज से एक मील का पत्थर माना जा रहा है.
26 साल का इंतजार, अब सपना हुआ पूरा
इस रेलवे प्रोजेक्ट का खाका साल 1999 में खींचा गया था. घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ों और भारी बारिश की वजह से शुरुआती सर्वे ही एक चुनौती था. कई बार सर्वे बदले गए और आखिरकार 2008–09 में इसे नेशनल प्रोजेक्ट का दर्जा मिला. 2014 में पीएम मोदी ने इसका शिलान्यास किया और अब 11 साल की मेहनत के बाद यह सपना हकीकत बन गया.
जानिए- क्या है इस रेलवे लाइन की खासियत
कुल लंबाई: 51.38 किलोमीटर
स्टेशन: 4 – हार्तुकी, कौनपुई, मुलखांग और सैरांग
टनल: 48, जिनकी लंबाई 12.8 किमी
ब्रिज: 55 बड़े और 87 छोटे, 5 रोड ओवर ब्रिज और 6 अंडरब्रिज
सबसे ऊंचा ब्रिज: ब्रिज नंबर 196 (104 मीटर ऊंचा, कुतुबमीनार से भी ऊंचा)
ट्रैक स्पीड: 110 किमी/घंटा
प्रोजेक्ट लागत: ₹8071 करोड़
सफर अब और आसान, तेज और सस्ता
पहले बैराबी से आइजोल की दूरी तय करने में 5 से 6 घंटे लगते थे. अब यह सफर 1 से 1.5 घंटे में पूरा हो जाएगा. किसानों और व्यापारियों को माल ढुलाई के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा. छात्रों और आम यात्रियों को भी देश के बाकी हिस्सों से कनेक्ट होने में आसानी होगी.














