बिहारन्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

पूर्णिया में मखाने की माला से हुआ पीएम मोदी का वेलकम, कितनी वजनी थी, किसने बनाई थी ये माला.?

उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सीमांचल के पूर्णिया पहुंचे थे। यहां पीएम मोदी ने सिकंदरपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली रेल, कृषि और हवाई मार्ग से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था। इन योजनाओं से सीमांचल को बहुत लाभ मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे थे। मंच पर पीएम मोदी को मखानों से बनी भारी भरकम माला पहनाई गई थी। इस माला का कितना वजन था, ये माला किसने बनाई थी? आइए जानते हैं

जानिए- मखाने की माला बनाने में कितने दिन लगे?
प्रधानमंत्री मोदी को मखानों की जो माला पहनाई गई थी, उसका वजह 10 किलो था। इस मखाने की माला को मखाने के दानों को 51 लड़ियों में मजबूती से सुई-धागे की मदद से बुनकर तैयार किया था। इस माला को पूर्णिया के भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय में पढ़ने वाले 15 छात्रों की टीम ने तैयार किया था। 10 किलो वजन वाली इस माला को बनाने में 5 दिन लगे थे। पांच दिन की कड़ी मेहनत के बाद मखाने की यह माला तैयार हुई थी।

जानें- पीएम मोदी को क्यों पहनाई गई ये माला?
पीएम मोदी ने पूर्णिया में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की हैं। ऐसे में यह माला पूर्णिया के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करने का खास तरीका है। मखाना बोर्ड की स्थापना से मखाने के उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। साथ ही मखाना किसानों की आय बढ़ेगी, मखाने की क्‍वालिटी सुधरेगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

Related Posts

1 of 850

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *