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गृहमंत्री अमित शाह का ड्रग्स के खिलाफ बड़ा एक्शन, अबतक 4 हजार किलो ड्रग्स हुआ स्वाहा.!

उमाकांत त्रिपाठी।नशीले पदार्थों के खिलाफ भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने ऐतिहासिक कार्रवाई शुरू की है. गृह मंत्री अमित शाह ने इस इस कदम को ‘नशा मुक्त भारत’ के लिए निर्णायक बताया है. गृह मंत्रालय (MHA) ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की रिपोर्ट के आधार पर 16,000 से अधिक विदेशी ड्रग तस्करों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू की है. इसके साथ ही आज गृहमंत्री शाह के मौजूदगी में देशभर में 4,000 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ नष्ट किए गए. एनसीबी ने बताया कि अगले 15 दिनों में 1 लाख किलो ड्रग्स को नष्ट किया जाएगा. इनकी कीमत बाजार में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक है. यह कार्रवाई NCB और विभिन्न राज्य पुलिसों के समन्वय से की गई.

गृह मंत्री शाह ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के राष्ट्राध्यक्षों और केंद्र शासित प्रदेशों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के अपने संबोधन में कहा,कि- यह हमारा दूसरा सम्मेलन है. पीएम मोदी का नशा मुक्त भारत का विजन तभी पूरा होगा, जब हम सब मिलकर काम करें. 2047 तक महान भारत के लिए हमें ड्रग्स से मुक्त युवा पीढ़ी चाहिए.’ उन्होंने चेतावनी दी कि भारत के पड़ोसी देशों से ड्रग्स की सबसे ज्यादा आपूर्ति होती है, इसलिए ड्रग कार्टेल के खिलाफ मजबूती से लड़ना होगा. शाह ने जोर दिया, ‘हमारी लड़ाई अब छुटपुट ड्रग्स बिक्री रोकने की नहीं, बल्कि सप्लाई चेन, एंट्री पॉइंट्स और कार्टेल को तोड़ने की है. अगले 10 साल में अगर हम यह जंग नहीं जीते, तो नशे के खिलाफ हार जाएंगे.’ नशा मुक्त भारत अभियान 372 जिलों में चल रहा है, जिसमें 10 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हैं. इसमें एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की भूमिका अहम होगी.

जानें- गृहमंत्री के संबोधन के कुछ अंश-
दुनिया भर में ड्रग सप्लाई जिस देश में सबसे ज्तादा होती है वो भारत के नजदीक है इसलिए ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई मजबूती से लड़नी होगी. अब हमारी लड़ाई ड्रग का खुदरा व्यापार करने की बजाय ड्रग के सप्लाई की कार्टेल को तोड़ना है. ड्रग के एंट्री प्वाइंट ड्रग के दुकानों तक सप्लाई प्वाईंट और दुकानों से पुड़िया तक सबको एक साथ इस कार्टेल के खिलाफ लड़ना होगा. नशा मुक्त भारत अभियान 372 जिलों में चल रहा है और दस करोड़ से ज्यादा लोग इससे जुड़े हैं.

सूत्रों के मुताबिक, डिपोर्ट किए जाने वाले 16,000 विदेशी नागरिक बांग्लादेश, फिलीपींस, म्यांमार, मलेशिया, घाना और नाइजीरिया जैसे देशों से हैं. इन देशों के नागरिक ड्रग्स की तस्करी में लिप्त हैं. ये तस्कर विभिन्न राज्यों में हिरासत में हैं. इनकी सूची MHA को सौंप दी गई है. यह कार्रवाई नए इमिग्रेशन कानूनों के तहत हो रही है. पिछले 10 सालों में 1 करोड़ किलो से ज्यादा ड्रग्स पकड़े गए, जो 2005-2014 के 26 लाख किलो की तुलना में चार गुना है. NCB ने म्यांमार-बांग्लादेश सीमा से हेरोइन, अफ्रीकी देशों से कोकीन और दक्षिण-पूर्व एशिया से मेथामफेटामाइन की तस्करी पर नकेल कसी है. हाल ही में मलेशिया से एक ड्रग किंगपिन को डिपोर्ट किया गया था.

4000 किलो ड्रग्स जलकर स्वाहा
शाह की मौजूदगी में आज की कार्रवाई में 4,000 किलो ड्रग्स नष्ट किए गए. अगले 15 दिनों में 4,000 करोड़ रुपये की कीमत वाले ड्रग्स को नष्ट करने का लक्ष्य है. यह अभियान ड्रग्स की मांग और आपूर्ति दोनों को रोकने पर केंद्रित है. NCB ने जनता से टोल-फ्री नंबर 1933 पर जानकारी साझा करने की अपील की है. विशेषज्ञों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और डिप्लोमेटिक समन्वय बढ़ाना जरूरी है. यह कार्रवाई भारत को ड्रग-मुक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर उसकी छवि मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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