उमाकांत त्रिपाठी।How To Do Mediation: आज कल की बिजी लाइफस्टाइल में व्यक्ति को मानसिक शांति की बहुत जरूरत होती है. पर्सनल से लेकर प्रोफेशनल लाइफ में कई ऐसी दिक्कतें हैं, जिससे स्ट्रेस और डिप्रेशन काफी ज्यादा बढ़ गया है. हर उम्र के लोग स्ट्रेस और डिप्रेशन से जूझ रहे हैं. तनाव, चिंता और काम का दबाव हमारी मानसिक सेहत के साथ ही शारीरिक सेहत को भी प्रभावित करता है. ऐसे में इससे राहत पाने के लिए मेडिटेशन को सबसे आसान और असरदार तरीका माना जाता है.आम लोग ही नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी मेडिटेशन को जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं और सभी को इसे अपनाने की सलाह भी देते हैं. पीएम मोदी खुद ध्यान को अपने डेली रूटीन में फॉलो करते हैं. कई मौकों पर उन्होंने मेडिटेशन के फायदे भी बताएं हैं. साथ ही इसे करने का तरीका भी. जिसे आप सिर्फ 5 मिनट करके अपना स्ट्रेस काफी हद तक कम कर सकते हैं. चलिए जानते हैं पीएम मोदी का मेडिटेशन करने के सबसे आसान तरीका.
जानें- मेडिटेशन करने के क्या हैं फायदे?
सबसे पहले जान लेते हैं कि मेडिटेशन करने के क्या-क्या फायदे हैं और क्यों पीएम मोदी भी इसे करने की सलाह देते हैं. हेल्थलाइन के मुताबिक, मेडिटेशन एक ऐसा प्रोसेस है जिसे करने से दिमाग शांत होता है और आप विचार करने में ज्यादा सक्षम होते है. इसके फायदे देखते हुए ही आज मेडिटेशन आज खूब पॉपुलर हो रहा है. स्ट्रेस दूर करने के लिए मेडिटेशन सबसे अच्छा उपाय है. स्ट्रेस दूर होने के साथ ही ये एंग्जायटी से भी राहत दिलाता है. स्टडी में पाया गया है कि, 1300 एडल्ट ने पाया कि मेडिटेशन एंग्जायटी को कम करता है. सेल्फ अवेयरनेस बढ़ाता है और नींद की गुणवत्ता को सुधारता है. साथ ही दिमाग को शांत कर गुस्से पर कंट्रोल करना सीखाता है.
PM मोदी ने बताया मेडिटेशन का सबसे आसान तरीका
पीएम मोदी ने कुछ समय पहले परीक्षा पे चर्चा के दौरान मेडिटेशन करने का आसान तरीका बताया था. उन्होंने बच्चों को सिखाया था कि कैसे कम समय में वो ध्यान करके स्ट्रेस को दूर कर सकते हैं. पीएम मोदी बताते हैं कि, आप एक शांत जगह पर बैठ जाए, चाहे बालकनी में, छत पर या फिर किसी पार्क में. फिर अपनी आंखें बंद करें . अगर आपको आस-पास की आवाजें एक साथ सुनाई देती है, जो आपका ध्यान केंद्रित हुआ है. बस इसी तरह अपने आस-पास की आवाजों को सुनें और उन्हें ऑब्जर्व करें.
जानिए- इस तरह करें प्रणायाम
पीए मोदी ने प्रणायाम करना भी सिखाया है. उनके मुताबिक, प्रणायाम करते वक्त आपको एक नॉस्ट्रिल से सांस लेनी है और दूसरी से छोड़नी है. अपने आस-पास की हवां को फील करो और उसे अंदर लों. दूसरी तरफ से हवा को बाहर निकालो. अगर आप राइट नॉस्ट्रिल से सांस ले रहे हैं तो राइट साइड के दातों को उंगली से दबा लें. ऐसा करने से आप नाक के दोनों तरफ से सांस ले पाएंगे.














