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जीएसटी कम होने से MSME को होगा फायदा… पीएम मोदी ने गिनाए टैक्स सुधारों से होने वाले लाभ

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कल से लागू होने वाले न्यू जेनेरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को जीएसटी बचत उत्सव बताया. पीएम मोदी ने कहा कि- जीएसटी की दरें कम होने से नियम और प्रक्रिया आसान बनने से MSME को बहुत फायदा होगा। उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स भी कम देना होगा। उनको भी डबल फायदा होगा। MSME से मुझे बहुत अपेक्षाएं हैं, जब भारत तरक्की के शिखर पर था उनका आधार MSME ही थे। भारत में बने सामानों की क्वालिटी बेहतर होती थी। हमें उस गौरव को वापस पाना है। हमारे यहां बना सामाना दुनिया में बेस्ट हो।

विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा

इस दौरान उन्होंने कहा कि- विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आत्मनिर्भर बनना होगा। भारत को आत्मनिर्भर बनाने का बहुत बड़ा दायित्व MSME पर भी है। जो देश के लोगों की जरूरत का है, जो देश में बना सकते हैं वो हमें देश में ही बनाना चाहिए। मुझे इस बात की खुशी है कि दुकानदार भाई-बहन जीएसटी बदलाव से उत्साह में है। वो इसे कस्टमर तक पहुंचाने में जुटे हैं। हम नागरिक देवो भव: के जिस मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नए जीएसटी में इसकी झलक दिखती है। अगर हम इनकम टैक्स और जीएसटी छूट को जोड़ दें तो देश के लोगों को 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बचत होगी।

गरीबों के लिए सस्ता होगा सामान

पीएम मोदी ने कहा कि- अब गरीबों की भी बारी है। इन्हें डबल बोनांजा मिल रहा है। जीएसटी कम होने से उनके लिए घर बनाना, टीवी, फ्रिज, बाइक और स्कूटर में कम खर्च करना होगा। घूमना फिरना भी सस्ता होगा।
पिछले 11 साल में देश में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को हराया है। गरीबी से बाहर आए हैं, ये लोग न्यू मिडिल क्लास के रूप में अपनी भूमिका अदा कर रहा है। इस साल सरकार ने 12 लाख रुपए की इनकम टैक्स फ्री करके उपहार दिया। तो सोचिए मिडिल क्लॉस के जीवन में कितना बदलाव आया है।

अब सिर्फ 5% और 18% ही रहेगा। रोजमर्रा और खाने-पीने की चीजें सस्ती हो जाएंगी। या तो टैक्स फ्री होंगी या 5% टैक्स देना होगा। जिन सामानों पर 12% लगता था उनमें से 99% चीजें अब 5% टैक्स के दायरे में आ गई हैं।

मोदी बोले- वन नेशन वन टैक्स का सपना साकार हुआ

वन नेशन वन टैक्स का सपना साकार हुआ। रिफॉर्म लगातार चलने वाली प्रक्रिया होती है। समय और जरूरत के साथ इसमें बदलाव होते हैं। इसलिए देश की वर्तमान जरूरतों और भविष्य को देखते हुए जीएसटी के नए रिफॉर्म लागू हो रहे हैं।

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