उमाकांत त्रिपाठी।थाईलैंड की युवती और महू के युवक की लव स्टोरी ने शुक्रवार को शादी के रूप में खूबसूरत अंजाम पा लिया। थाईलैंड की नारूएपक (नैन) हजारों किलोमीटर दूर से भारत पहुंचीं और महू में जयंत सोनी से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। बैंड-बाजे की आवाज पर बाराती थिरके, तो विदेशी दुल्हन नैन भी इंडियन ट्यून पर झूम उठीं।
जयंत सोनी लंबे समय से थाईलैंड में कारोबार कर रहे हैं। वहां एक कंपनी में साथ काम करते हुए नैन से उनकी दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। बाद में जयंत ने खुद का बिजनेस शुरू किया, वहीं नैन उनकी कंपनी में जॉब करने लगी। इसी दौरान जयंत उन्हें एक बार बहन की शादी में भारत लेकर आए और परिवार से मिलवाया। परिवार को भी नैन बेहद पसंद आई।
करीब 10 साल की दोस्ती और रिश्ते की समझदारी के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया। दोनों परिवारों की सहमति से कुंडली मिलवाई गई और शुक्रवार को महू में विवाह सम्पन्न हुआ। शादी में नैन का परिवार भी शामिल हुआ। थाईलैंड और भारत की संस्कृति को जोड़ते इस विवाह ने सभी का ध्यान खींचा।
भारतीय परंपराओं से प्रभावित हुई विदेशी दुल्हन
नैन भारतीय लुक में बेहद खूबसूरत नजर आईं। हाथों में मेहंदी, गले में मंगलसूत्र और मांग में सिंदूर…नैन के लिए यह सब नया अनुभव था। उन्होंने इसे बड़े आनंद से अपनाया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा अनुभव उनके लिए बेहद खास है। नैन की मां चुटिमा ने भी बेटी की भारतीय परंपराओं में शादी को देखकर खुशी जताई और इसे सपना सच होने जैसा बताया।
दस साल बाद जिंदगी बिताने का फैसला किया
नैन ने बताया कि- साथ काम करते हुए वे जयंत को कठोर और गुस्सैल समझती थीं, लेकिन समय के साथ जाना कि वे बेहद नम्र हैं। धीरे-धीरे रिश्ता गहरा होता गया। दस साल बाद दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया। अब जयंत बैंकाक में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बिजनेस कर रहे हैं, जहां नैन भी साथ रहेंगी।














