उमाकांत त्रिपाठी।भिंड के बरोही थाना क्षेत्र के लावन गांव में देवरानी ने जेठानी के जेवर चोरी कर लिए। जेठानी ने हंगामा किया तो देवरानी ने खुद को ‘लोड़ी माता’ आने का नाटक किया। इस तरह देवरानी एक बार बच गई, लेकिन जेवर बेचने के लिए गांव की महिलाओं से संपर्क किया तो पकड़ी गई। पुलिस ने उसे करीब डेढ़ महीने बाद 9 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ढाई लाख रुपए के सोने-चांदी जेवर भी बरामद किए हैं।
चोरी की वारदात 24 अक्टूबर की है। जितेंद्र जोशी अपनी पत्नी राखी जोशी के साथ गुजरात के अहमदाबाद से दिवाली मनाने बड़े भाई धर्मेंद्र के यहां आए थे। धर्मेंद्र की पत्नी प्रीति जोशी (27) ने दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के बाद अपने सोने-चांदी के जेवर अलमारी में रखे थे। प्रीति के गहने देखकर राखी के मन में ईर्ष्या हो गई। रात में जब सब सो गए, तो उसने अलमारी से सारे जेवर निकाल लिए। शक बाहरी व्यक्ति पर जाए, इसके लिए उसने सामान बिखेर दिया और घर के गेट खोल दिए। सुबह 4 बजे उसने खुद ही चोरी का शोर मचा दिया।
पुलिस से बचने माता आने की बात कही
सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक लैब की टीम को मौके से बाहरी व्यक्ति के फिंगर प्रिंट नहीं मिले। इससे पुलिस का शक घर के लोगों पर गया। पूछताछ में राखी बार-बार बयान बदल रही थी। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो वह ‘लोड़ी माता’ आने का बहाना करने लगी। अंधविश्वास के चलते परिवारवाले भी उसका साथ देने लगे। इसके बाद पुलिस ने जांच धीमी दिखाकर गांव में मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया।
पुराने जेवर बेचने की फिराक में थी
करीब एक महीने बाद पुलिस को सूचना मिली कि राखी गांव की महिलाओं से पुराने जेवर बेचने और नए बनवाने की बात कर रही है। भनक लगते ही पुलिस ने उसे दोबारा बुलाया। इस बार सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गई और सच उगल दिया। पुलिस ने उसके पास से सोने का मंगलसूत्र, झुमकी, पायल, करधौनी और अंगूठियां समेत ढाई लाख का माल बरामद किया है।
टीआई बोले- शक गहराया तो खुली पोल
बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया ने बताया कि पूछताछ के दौरान देवरानी राखी पर शक गहराने लगा था। जब राखी ने गांव की महिलाओं से पुराने जेवर बेचने और नए बनवाने की चर्चा की, तो यह बात पुलिस को पता लग गई। सख्ती से पूछताछ में चोरी का मामला खुल गया। पुलिस ने जेवर जब्त कर आरोपी महिला को न्यायालय में पेश कर दिया है।














