उमाकांत त्रिपाठी।विपक्षी इंडिया महागठबंधन के 107 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव सौंपा है। इस महाभियोग प्रस्ताव में कांग्रेस, डीएमके, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) सहित कई प्रमुख दलों के सांसदों के हस्ताक्षर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है। उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को भी आड़े हाथ लिया।
शाह ने विपक्ष को घेरा
अमित शाह ने बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान ही लोकसभा में इस मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने जस्टिस स्वामीनाथन का नाम लिए बिना कहा कि-आजादी के बाद इतने सालों में ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई जज अपना फैसला सुनाएं तो उन्हें इस तरह से महाभियोग का सामना करना पड़ रहा हो।
जस्टिस स्वामीनाथन मामले पर खरी-खरी
शाह ने कहा कि- विपक्षी सांसद अपने वोट बैंक को ध्यान में रखकर महाभियोग लाए। शिवसेना (UBT) के सांसदों ने भी याचिका पर हस्ताक्षर किए। हाईकोर्ट के जज ने फैसले में क्या कहा था, यही न कि पहाड़ी की चोटी पर दीया जलाने की मान्यता है। बस इसी फैसले पर सिर्फ अपना वोट बैंक बनाए रखने के लिए विपक्षी सांसदों ने महाभियोग पर हस्ताक्षर किए हैं।’
जानें- विपक्षी सांसदों ने क्या कहा
उधर, महाभियोग प्रस्ताव को लेकर डीएमके सांसद एमके कनिमोझी ने कहा कि उन्होंने लोगों का विश्वास और भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने देश के संविधान और देश की जनता से किए गए वादों के खिलाफ काम किया है। उन्होंने कहा कि- हमने कई ऐसे मामले देखे हैं जिनमें पक्षपात हुआ है, और ऐसे मामले भी हैं जहां जज कुछ चुनिंदा वकीलों के खिलाफ पक्षपाती रहे हैं। ये सब ठीक नहीं है। यह कोई एक मामला नहीं है और न ही किसी एक मुद्दे को लेकर है। यह व्यक्ति के व्यवहार से जुड़ा मामला है। मैंने जो कहा, ये कुछ समस्याएं हैं।
कांग्रेस सांसद बोले- जज किसी विचारधारा से प्रेरित
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर का कहना है कि- जज किसी विचारधारा से प्रेरित दिखाई देते हैं। हम उनके फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। हम जो कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं, वह करेंगे। महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है। अगर चर्चा होगी तो हम उस पर अपनी बात रखेंगे।















