उमाकांत त्रिपाठी।क्राइम से जुड़ी घटनाएं और किस्से कहानियां आपने खूब सुनी होंगी. लेकिन वाराणसी से सामने आई ये घटना अपराध की दुनिया में शायद ही पहले कभी सुनी गई होगी. ये कहानी है अनुपमा पटेल, मोहित यादव और उसकी पत्नी अंजली की. अनुपमा पटेल एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं. शादीशुदा अनुपमा शायद शारदा बिहार कालोनी में अकेले रहती थीं.
उनके जीवन में सिर्फ एक चीज की कमी थी वो था बच्चा. इस बीच अनुपमा की मुलाकात मोहित यादव से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदिकियां बढ़ने लगीं और उनके बीच शारिरिक संबंध भी बने. अनुपमा मोहित के साथ प्रेग्नेंट होना चाहती थी. लेकिन मोहित को यह मंजूर नहीं था. आरोप है कि- अनुपमा अपने प्रेमी मोहित पर बच्चे को लेकर दबाव बनाने लगी थी. इससे परेशान होकर मोहित ने अपनी पत्नी अंजलि को पूरी सच्चाई बताई जिसके बाद दोनों ने मिलकर अनुपमा को मार डाला.
प्रेमी के साथ प्रेग्नेंट होना चाहती थी अनुपमा
अनुपमा पटेल उर्फ सीता लक्ष्मणपुर के शारदा विहार कॉलोनी में रहती थीं और घर से ही पैकेट का दूध बेचने का काम करती थीं. वहीं मोहित भी इसी कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था. मोहित अक्सर अनुपमा की दुकान से दूध ले जाने आया करता था.इस दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई. धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध भी बनने लगें. अनुपमा का बच्चा नहीं था. ऐसे में वह मोहित से एक बच्चा चाहती थी.
आरोप है कि- इसे लेकर वह मोहित के ऊपर अनैतिक संबंध बनाने का दबाव बनाने लगी थी. वहीं मोहित के मना करने पर वह उसे पुलिस से शिकायत कर फंसाने की धमकी भी देती थी. इस बीच मोहित की शादी अंजली के साथ हो गई. लेकिन उससे शादी के बाद भी वह उसपर शारिरिक संबंध बनाने के दबाव बनाती थी.
मोहित ने पत्नी के साथ मिलकर कर दी अनुपमा की हत्या
इससे परेशान होकर मोहित ने पूरी बात अपनी पत्नी अंजलि को बताई. दोनों ने मिलकर अनुपमा को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली. साजिश के तहत मोहित और अंजलि चौहान पहले पाण्डेयपुर के मिश्रा होम स्टे में रुके. 11 दिसंबर की सुबह वे अनुपमा के घर के लिए निकले.लेकिन अंजली अनुपमा के घर से कुछ दूर रुक गई. जबकि मोहित यादव घर के पीछे के रास्ते से अंदर घुस गया. उसने घर में रखे किसी सामान पत्थर का सिल और स्टील के ड्रम से अनुपमा के सिर, चेहरे और गर्दन पर हमलाकर हत्या कर दी. .














