उमाकांत त्रिपाठी।सांसद में जोरदार हंगामे के बीच बुधवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने एलपीजी किल्लत, आर्थिक मुद्दों और अन्य विषयों पर सरकार को घेरते हुए नारेबाज़ी की, जिसके चलते स्पीकर की कुर्सी को कार्यवाही रोकनी पड़ी। सदन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है।
आज केंद्रीय गृह मंत्री शाह चर्चा में हिस्सा लेंगे। विपक्ष ने जहां ओम बिरला पर सरकार की आवाज बनने जैसे गंभीर आरोप लगा दिए, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कहा है कि- ओम बिरला ने कभी पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं किया।हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्रवाई बुधवार तक के लिए स्थापित कर दी गई थी। देश में पहली बार LoP को बोलने से रोका गया है. राहुल गांधी लोकसभा में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष द्वारा बार बार अपना नाम लिए जाने पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भड़क उठे। उन्होंने कहा है कि- देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया गया और बार बार मेरा नाम लिया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि मुझे बार-बार स्पीकर ने बोलने से रोका। ये सदन पूरे देश का है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि- पीएम कॉम्प्रोमाइज हो चुके हैं। इस मामले पर रविशंकर प्रसाद बोलने खड़े हुए और उन्होंने कहा कि- देश ने कभी समझौता स्वीकार नहीं किया। मैं गर्व के साथ कहता हूं कि पीएम कभी कॉम्प्रोमाइज नहीं हुए। शाह से मुलाकात की कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया.
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चल रही बहस बुधवार को बेहद तीखी हो गई, जब राहुल गांधी ने सरकार पर लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि- यह चर्चा सिर्फ स्पीकर पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र और वक्तव्य की स्वतंत्रता पर है। इस पर राहुल गांधी ने कहा, ‘कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया, लेकिन हमें लगातार बोलने से रोका गया। पिछली बार मैंने प्रधानमंत्री के ‘कॉम्प्रोमाइज’ का मुद्दा उठाया, जिसके बाद मुझे बोलने नहीं दिया गया। सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है और इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया।














