उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने ईद के लिए अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति पर अपने विचार साझा किए। हाल के घटनाक्रमों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
पीएम मोदी ने कहा,कि- हमने पश्चिम एशिया में बदली स्थिति पर विचार-विमर्श किया और हाल के घटनाक्रमों पर चिंता जताई। हमने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की निंदा को दोहराया। होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक संपर्क जरूरी है।
भारतीय समुदाय का कल्याण और द्विपक्षीय संबंध
प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए उनके निरंतर समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। कुवैत में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक निवास करते हैं। उनके हितों की रक्षा करना भारत के लिए हमेशा से एक अहम विषय रहा है।इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नहयान से फोन पर बात की थी और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने यूएई पर हमलों की भी निंदा की थी। इन हमलों में आम लोगों की जान गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
दोनों नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने के महत्व पर सहमति जताई और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए साथ काम जारी रखने की बात कही थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से बात कर उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा दोहराते हुए निर्दोष लोगों की मौत और नागरिक ढांचे को हुए नुकसान पर चिंता जताई।














