उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर से लोकसभा में काफी आक्रामक मूड में मजर आए। उन्होंने नक्सलियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हथियार नहीं रखोगे तो हिसाब चुकाना होगा। हम गोली का जवाब गोली से देंगे। अमित शाह ने क्लियर करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीति केवल हथियार डालने वालों के साथ बातचीत करने की है न कि हिंसा का रास्ता अपनाने वालों के साथ, इसके लिए सुरक्षा बलों को करारा जवाब देने की खुली छूट दी गई है। जो गोली चलाएगा, उसे गोली से ही जवाब देंगे। इसलिए हथियार डाल दो तो पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
शाह ने अर्बन नक्सली कहकर बोला हमला
गृह मंत्रीशाह ने कहा कि- मैं उन ‘अर्बन नक्सलियों’ से एक सवाल पूछना चाहता हूं जो इन व्यक्तियों के समर्थन में आगे आए हैं। पिछले छह दिनों में मैंने लगभग दो हजार लेखों की समीक्षा की है और इन सभी लेखों का मुख्य विषय यही है कि सरकार को उन नक्सलियों से बातचीत करनी चाहिए जो हथियार लेकर घूमते हैं, कि वे न्याय के लिए लड़ रहे हैं और उन्हें मारा नहीं जाना चाहिए।
कुछ नेताओं का कहना है कि- हमें नक्सलियों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए और सरकार को विकास पहलों में तेजी लानी चाहिए। ऐसा लगता है कि आपकी मानवता की भावना केवल उन लोगों तक ही सीमित है जो संविधान का उल्लंघन करते हैं और हथियार रखते हैं। यह उन आम नागरिकों तक नहीं पहुंचती जो इन्हीं हथियारों से मारे जा रहे हैं।
शाह ने राहुल गांधी पर बोला हलमा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने (राहुल गांधी) 2010 में ओडिशा में लाडो शिकोका के साथ मंच साझा किया, शिकोका ने उसी मंच से भड़काऊ भाषण दिया और राहुल गांधी को माला भी पहनाई।
- 2018 में हैदराबाद में गुमड़ी विट्ठल राव उर्फ गद्दार से मुलाकात की, जो विचारधारा के करीब रहे। मई 2025 को-ऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ पीस… इसके साथ मुलाकात की।
- और जब 172 जवानों को मारने वाला हिडमा मारा गया तो इंडिया गेट पर नारे लगे। कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा, और इस वीडियो को राहुल गांधी ने स्वयं ट्वीट किया, इन्होंने 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद का समर्थन किया है।














