उमकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ बंगाल में टीएमसी की राजनीति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यहां की राजनीति हमेशा डर पैदा करने की रही है। लोगों को भयभीत रखना और उनकी उपेक्षा करना आम बात बन गई है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा होती है। लोगों को डराया और धमकाया जाता है। नेताओं की हत्या तक करवाई जाती है।
प्रधानमंत्री ने दार्जिलिंग समेत उत्तर बंगाल के चाय उत्पादक क्षेत्रों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां की चाय का स्वाद देशभर में जाना जाता है। लेकिन राज्य सरकार चाय बागानों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में एक टुकड़े टुकड़े गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह सिलीगुड़ी कॉरिडोर को बंद करने की धमकी दे चुका है।
पीएम मोदी ने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की भाजपा सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के लिए काम किया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दिया गया। स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की गईं। रोजगार के अवसर बढ़ाए गए। साथ ही श्रमिकों को भूमि पट्टे दिए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बंगाल में भी श्रमिक परिवारों को भूमि पट्टे दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए लोगों को वोटिंग की गारंटी दी गई है। उन्होंने मंच से कमल खिलाओ और घुसपैठिया भगाओ का नारा भी दिया।
पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार को लेकर कहा कि यह सरकार निर्मम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार योजनाओं के जरिए लोगों तक सीधे लाभ पहुंचा रही है।
इस दौरान उन्होंने नॉर्थ बंगाल के विकास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को भयमुक्त माहौल मिलना जरूरी है।














