उमाकांत त्रिपाठी। पश्चिम बंगाल की चुनावी सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजों का डर अब TMC नेताओं की भाषा में साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव के मूड में है और इस बार इतिहास बनने जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ‘डबल इंजन सरकार’ का जिक्र करते हुए कहा कि अगर राज्य में BJP की सरकार बनती है, तो केंद्र और राज्य मिलकर विकास की रफ्तार को दोगुना कर देंगे। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत हर परिवार को करीब 80 हजार रुपए की मदद दी जाएगी, जिससे लोगों का बिजली बिल लगभग शून्य हो सकेगा। इसके अलावा महिलाओं को सस्ते एलईडी बल्ब और पाइप गैस जैसी सुविधाएं देने का भी वादा किया गया।
मोदी ने राज्य में पेयजल की समस्या को लेकर भी TMC सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नल-जल योजनाओं में भी सिंडिकेट हावी है और लोगों के हक का पैसा लूटा जा रहा है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लगभग हर घर तक नल से जल पहुंच चुका है, लेकिन बंगाल अभी भी पीछे है।
महिलाओं के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि BJP के लिए महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार के कारण बंगाल की महिलाओं को केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि BJP सरकार बनने पर महिलाओं को मुफ्त राशन और अन्य सुविधाएं बिना किसी बाधा के मिलेंगी।
प्रधानमंत्री ने Calcutta High Court का जिक्र करते हुए कहा कि अदालत की चेतावनियों के बावजूद राज्य में कानून का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने इसे “महाजंगलराज” करार दिया और कहा कि अब समय आ गया है कि जनता इसका जवाब दे।
अपने भाषण में मोदी ने आदिवासी समाज और विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने Droupadi Murmu का उल्लेख करते हुए कहा कि BJP ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी, लेकिन TMC ने उनका विरोध और अपमान किया।
प्रधानमंत्री ने अंत में बंगाल की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने हक के लिए खड़ी हों और इस बार चुनाव में TMC को “महासजा” दें। उन्होंने कहा कि बंगाल का यह चुनाव “भयकाल” से “सेवाकाल” की ओर बढ़ने का निर्णायक मोड़ साबित होगा।














