उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UAE दौरे के तहत अबूधाबी पहुंचे, जहां उनका गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा संवाद, कूटनीति और स्थायी समाधान का समर्थन करता रहा है और आगे भी क्षेत्रीय शांति के प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और UAE के रिश्ते भरोसे, साझेदारी और साझा विकास के मजबूत आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
UAE दौरे के दौरान भारत और UAE के बीच कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। इनमें ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौते सबसे प्रमुख रहे। दोनों देशों के बीच LPG सप्लाई और ऊर्जा सहयोग को लेकर नई सहमति बनी है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दौरा खत्म होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा छोटी लेकिन बेहद उपयोगी रही। उन्होंने लिखा कि UAE के राष्ट्रपति के साथ भारत-UAE संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई और उन्हें भरोसा है कि इस दौरे के सकारात्मक नतीजे दोनों देशों की दोस्ती को नई ऊंचाई देंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और UAE बेहतर भविष्य के निर्माण के लक्ष्य के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत और भरोसेमंद बताते हुए कहा कि- यह साझेदारी आने वाले समय में व्यापार, निवेश, ऊर्जा और वैश्विक सहयोग के नए अवसर पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का UAE दौरा करीब 180 मिनट का रहा। इस छोटे लेकिन अहम दौरे में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
UAE दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अब नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं। उनका यह दौरा 15 मई से 17 मई तक चलेगा। माना जा रहा है कि इस दौरान भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार, तकनीक, जल प्रबंधन, कृषि और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत पश्चिम एशिया और यूरोप के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को लगातार मजबूत करने पर जोर दे रहा है।














