उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीदरलैंड के द हेग शहर में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत और नीदरलैंड के रिश्तों को मजबूत साझेदारी का उदाहरण बताते हुए दोनों देशों की दोस्ती की तुलना कमल और ट्यूलिप फूल से की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे नीदरलैंड पूरी दुनिया में ट्यूलिप फूलों के लिए मशहूर है, वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कमल और ट्यूलिप दोनों हमें एक खास संदेश देते हैं कि चाहे जड़ें पानी में हों या मिट्टी में, असली ताकत और सुंदरता अपनी जड़ों से ही मिलती है।
पीएम मोदी ने कहा कि यही सोच भारत और नीदरलैंड की साझेदारी का आधार भी है। दोनों देश अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को मजबूत रखते हुए साथ आगे बढ़ रहे हैं।
द हेग में कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हल्के मजाकिया अंदाज में भारतीय समुदाय से पूछा, “क्या झालमुड़ी यहां भी पहुंच गई?” पीएम के इस सवाल पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने हंसते हुए तालियां बजाईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत के लोकतंत्र और बढ़ते मतदान प्रतिशत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में 80 से 90 प्रतिशत तक मतदान हुआ, जो लोकतंत्र की मजबूती को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि चुनावों में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है और यह भारत के लोकतांत्रिक विकास का बड़ा संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हर साल वोटिंग के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय कारोबार के लिए यूरोप में प्रवेश का नैचुरल गेटवे नीदरलैंड बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में प्रवासी भारतीय समुदाय भरोसेमंद पुल की भूमिका निभा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार, तकनीक, कृषि, नवाचार और खेल के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच खेल भी दोस्ती की मजबूत कड़ी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिकेट में नीदरलैंड की प्रगति में भारतीय समुदाय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव की भी सराहना की।
पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह भारत और नीदरलैंड के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। पूरे हॉल में तालियों और नारों की गूंज सुनाई दी। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को लोगों ने गर्मजोशी के साथ सुना।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत यूरोप के साथ आर्थिक, रणनीतिक और तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।














