उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सीमावर्ती राज्यों में अवैध घुसपैठ को लेकर कड़ा संदेश दिया। त्रिपुरा के लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में किसी भी प्रकार के जनसांख्यिकीय बदलाव को बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सीमाओं पर अवैध घुसपैठ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
अमित शाह ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट बॉर्डर’ परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस परियोजना को शुरुआती तौर पर देश के 7 से 8 स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई सीमा सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे सीमा निगरानी प्रणाली पहले से अधिक प्रभावी और मजबूत बनेगी।
गृह मंत्री ने बीएसएफ जवानों की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में सुरक्षा बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों में दिन-रात देश की सुरक्षा के लिए डटे रहते हैं और उनकी प्रतिबद्धता देश के लिए प्रेरणादायक है।
स्मार्ट बॉर्डर परियोजना के तहत ड्रोन, सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली, हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी और घुसपैठ की कोशिशों को शुरुआती स्तर पर ही विफल किया जा सकेगा।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती राज्यों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर समय-समय पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा होती रही है। केंद्र सरकार का मानना है कि मजबूत सीमा प्रबंधन न केवल सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
सरकार को उम्मीद है कि स्मार्ट बॉर्डर परियोजना लागू होने के बाद सीमा पार अपराध, तस्करी और अवैध घुसपैठ जैसी चुनौतियों से निपटने में सुरक्षा एजेंसियों को अधिक सफलता मिलेगी।













