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AI सेक्टर का नया हब बनेगा भारत, पीएम मोदी ने किया एयरट्रंक के निवेश का स्वागत, कहा- दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत में आकार ले रही

उमाकांत त्रिपाठी। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में वैश्विक निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसी क्रम में डेटा सेंटर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एयरट्रंक ने भारत में करीब 30 अरब डॉलर (लगभग 3 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की योजना की घोषणा की है। कंपनी देश में 5 गीगावॉट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करेगी, जिसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े प्रस्तावित निवेशों में से एक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा तेज गति से आगे बढ़ रही है और दुनिया की बड़ी कंपनियां अब भारत को भविष्य के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्र के रूप में देख रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एयरट्रंक का यह निवेश भारत को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में बढ़ते निवेश भारत की मजबूत नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था पर वैश्विक विश्वास को दर्शाते हैं।

मोदी ने कहा कि इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय सप्लाई चेन, तकनीकी सेवाओं और संबंधित उद्योगों को भी नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से देश में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत तेजी से दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। डिजिटल भुगतान, इंटरनेट उपयोग, डेटा खपत और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में भारत लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। ऐसे में वैश्विक कंपनियों का भारत में निवेश बढ़ना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि भविष्य की डिजिटल दुनिया का स्वरूप अब भारत में तय हो रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भारत तेजी से अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरट्रंक का प्रस्तावित निवेश भारत के डेटा सेंटर उद्योग को नई गति देगा। बढ़ती डिजिटल सेवाओं और एआई आधारित तकनीकों की मांग को देखते हुए आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर सेक्टर में बड़े निवेश की संभावना है।

यह निवेश न केवल भारत की डिजिटल क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि देश को वैश्विक तकनीकी और डिजिटल इकोसिस्टम में और अधिक प्रभावशाली स्थान दिलाने में भी मदद करेगा।

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