Ayodhya Ram Temple Donation Theft: उमाकांत त्रिपाठी।Ayodhya Ram Temple Donation Theft मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को गंभीर बताते हुए कहा कि यह घटना करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि जो लोग पहले राम मंदिर और धार्मिक आयोजनों का विरोध करते थे, वे आज आस्था की राजनीति कर रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सरकार का सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Ayodhya Ram Temple Donation Theft की घटना केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है।
सीएम योगी ने बताया कि जैसे ही ट्रस्ट की ओर से अनुरोध प्राप्त हुआ, सरकार ने बिना देरी किए एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास हर हाल में सुरक्षित रहे।
विपक्ष पर CM योगी का तीखा हमला
पंचायत आजतक के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की, वही आज आस्था की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि- जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे अब स्वयं को आस्था का सबसे बड़ा समर्थक बताने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और न्यायालय में ऐसे तर्क रखे कि भगवान राम और भगवान विष्णु के अस्तित्व पर ही सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अब राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
राम मंदिर आंदोलन और सुप्रीम कोर्ट का किया उल्लेख
सीएम योगी ने अपने संबोधन में राम मंदिर आंदोलन के लंबे संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि- अदालत में ऐसे पक्ष रखे गए जिनका उद्देश्य मंदिर निर्माण में बाधा डालना था। लेकिन अंततः सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और आज भव्य राम मंदिर देश की आस्था का प्रतीक बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वही लोग, जिन्होंने मंदिर निर्माण का विरोध किया था, अब मंदिर से जुड़े मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।
पुराने घोटालों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकारों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन सरकारों के कार्यकाल में बड़े-बड़े घोटाले सामने आए, वे आज राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के खजाने को लूटने वालों को पहले अपने कार्यकाल के घोटालों पर जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और अब राजनीतिक बयानबाजी से भ्रमित नहीं होगी।उनका कहना था कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है और किसी भी मामले में कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
यूपी सरकार के नौ साल के काम भी गिनाए
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है और अयोध्या, काशी तथा मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया गया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या आज वैश्विक धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन रही है। राम मंदिर निर्माण के बाद देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिला है।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार कार्य किया है।
आस्था और कानून दोनों की होगी रक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि Ayodhya Ram Temple Donation Theft मामले में सरकार पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून का विषय नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है।
उन्होंने दोहराया कि एसआईटी की जांच निष्पक्ष होगी और यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
इस पूरे मामले पर अब सभी की नजर एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित चढ़ावा चोरी के पीछे कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।














