उमाकांत त्रिपाठी। नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को Nasha Mukt Bharat Campaign के तहत ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई केवल अपराध नहीं, बल्कि दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का हिस्सा है। उनका उद्देश्य भारतीय युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलकर देश की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को कमजोर करना है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से इस अभियान का नेतृत्व करने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
Speaking at the launch of ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’, a 100-week campaign against substance abuse. I urge every citizen, especially our youth, to join this movement. https://t.co/ucvrcAyK4C
— Narendra Modi (@narendramodi) August 2, 2026
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों से एक करोड़ से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘नशा मुक्त भारत’ की सामूहिक शपथ के साथ हुई।
Nasha Mukt Bharat Campaign के जरिए युवाओं को दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का भविष्य उसके युवा तय करेंगे और यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि आज भारतीय युवा स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष विज्ञान, खेल और नवाचार जैसे क्षेत्रों में दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स का सेवन कुछ समय के लिए भ्रमित करने वाला आनंद दे सकता है, लेकिन यह व्यक्ति के पूरे जीवन, करियर और परिवार को बर्बाद कर देता है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह नशे के खिलाफ चल रहे Nasha Mukt Bharat Campaign का हिस्सा बने।
पीएम मोदी की स्पीच की 5 बड़ी बातें
1. नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार को तोड़ देता है
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है तो केवल उसका भविष्य प्रभावित नहीं होता, बल्कि उसके माता-पिता के सपने, भाई-बहनों की उम्मीदें और पूरे परिवार की खुशियां भी खत्म हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं को उनके लक्ष्य से भटका देता है।
2. दुश्मन देश ड्रग्स के जरिए चला रहे हैं साजिश
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वाले दुश्मन देश ड्रग्स को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका मकसद भारतीय युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार ड्रग्स तस्करों और उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
3. ड्रग्स थोड़ी देर का हाई, लेकिन जिंदगीभर का नुकसान
प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रग्स कुछ समय का नशा देता है, लेकिन इसका असर पूरी जिंदगी पर पड़ता है। उन्होंने भारतीय संतों और गुरुओं की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जो चीज इंसान का विवेक छीन ले, उससे हमेशा दूर रहना चाहिए।
4. नशे से बाहर निकले युवाओं को दूसरा अवसर मिलना चाहिए
उन्होंने कहा कि जो युवा नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन में लौटते हैं, वे समाज के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे लोगों को समाज को अपनाना चाहिए और उन्हें नया अवसर देना चाहिए।
5. ड्रग्स माफिया पर कार्रवाई कई गुना बढ़ी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पिछले वर्षों में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कई गुना बढ़ी है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए जा रहे हैं और नेटवर्क को लगातार तोड़ा जा रहा है।
अगले 100 सप्ताह तक चलेगा Nasha Mukt Bharat Campaign
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि Nasha Mukt Bharat Campaign केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होगा। अगले 100 सप्ताह तक हर रविवार देशभर में कला, संस्कृति, खेल, युवा गतिविधियों और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश फैलाया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने गांव, शहर, कॉलेज और समाज में इस अभियान का नेतृत्व करें और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें। सरकार का लक्ष्य इस अभियान को जन आंदोलन बनाना है।
एक करोड़ से ज्यादा युवाओं की भागीदारी
सुबह 11 बजे शुरू हुए इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर के 28 हजार से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजन किए गए। कार्यक्रम में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया और नशा मुक्त भारत की शपथ ली।
इस अवसर पर कई प्रमुख आध्यात्मिक गुरु भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इनमें अम्मा, श्री श्री रविशंकर, दाजी, डॉ. चिन्मय पंड्या और स्वामी ब्रह्मविहारीजी शामिल रहे। कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी इस अभियान का हिस्सा बने।
नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने पर जोर
सरकार इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती। Nasha Mukt Bharat Campaign में 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, उद्योग संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और युवा संगठन भी शामिल किए गए हैं।
उद्देश्य यह है कि समाज का हर वर्ग नशे के खिलाफ एकजुट होकर लोगों को जागरूक करे और युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाए।
क्या है नार्को-टेररिज्म?
प्रधानमंत्री के बयान के बाद नार्को-टेररिज्म की चर्चा भी तेज हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार जब ड्रग्स की तस्करी से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने, आतंकवादी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने और आतंकी नेटवर्क चलाने में किया जाता है, तो इसे नार्को-टेररिज्म कहा जाता है।
भारत की भौगोलिक स्थिति भी इसे चुनौतीपूर्ण बनाती है। देश गोल्डन क्रिसेंट (अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार, लाओस, थाईलैंड) जैसे दो बड़े अवैध ड्रग्स उत्पादन क्षेत्रों के बीच स्थित है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर भारत को ट्रांजिट रूट और बड़े बाजार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।














