एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी अपने बोल्ड अंदाज और बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं। अब उन्होंने एक पॉडकास्ट में फिल्म और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को लेकर खुलकर बात की है। Khushi Mukherjee Casting Couch से जुड़े अपने अनुभव बताते हुए एक्ट्रेस ने दावा किया कि उन्हें भी रोल के बदले कॉम्प्रोमाइज करने के ऑफर मिल चुके हैं। खुशी ने कहा कि इस तरह की मांग करने वाले लोगों को वह अपने अंदाज में जवाब देती हैं। उन्होंने इंडस्ट्री में मौजूद कुछ कथित कास्टिंग डायरेक्टर्स के रवैये पर भी नाराजगी जाहिर की।
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खुशी के मुताबिक, किसी कलाकार को काम देने के बदले उसके साथ अनुचित समझौता करने के लिए कहना बिल्कुल गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसी लड़की को इस तरह की स्थिति में क्यों डाला जाना चाहिए।
Khushi Mukherjee Casting Couch पर एक्ट्रेस का बड़ा बयान
पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान खुशी मुखर्जी ने Khushi Mukherjee Casting Couch के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें भी कई बार रोल के बदले कॉम्प्रोमाइज करने के ऑफर मिलते हैं। एक्ट्रेस ने बताया कि ऐसे लोगों के सामने वह चुप नहीं रहतीं, बल्कि उन्हें करारा जवाब देती हैं।
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खुशी ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कुछ ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर्स हैं, जिनका रवैया बेहद आपत्तिजनक है। उनके अनुसार, कुछ लोग कलाकारों के सामने इस तरह की बातें रखते हैं जैसे काम हासिल करने के लिए कॉम्प्रोमाइज करना सामान्य प्रक्रिया हो।
एक्ट्रेस ने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि इंडस्ट्री में काम पाने के लिए किसी लड़की को किसी व्यक्ति के साथ एक महीने का कॉन्ट्रैक्ट साइन करना होगा या एक महीने तक उसके साथ सोना होगा। खुशी के मुताबिक, इस तरह की बातें और मांगें बेहद गलत हैं।
‘रोल चाहिए तो कॉम्प्रोमाइज करना होगा’, खुशी ने दिया जवाब
खुशी मुखर्जी ने बताया कि जब कोई उनसे इस तरह की मांग करता है तो वह उसे अपने अंदाज में जवाब देती हैं। उन्होंने पॉडकास्ट में एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई उनके साथ सोना चाहता है, तो वह किसी डमी व्यक्ति को सामने लाकर उनकी तस्वीर उसके चेहरे पर लगा सकता है और कल्पना कर सकता है कि सामने खुशी ही हैं।
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एक्ट्रेस का यह बयान उनके बेबाक अंदाज को दिखाता है। वह यह बताने की कोशिश करती नजर आईं कि किसी महिला कलाकार को सिर्फ इसलिए असहज स्थिति में डालना स्वीकार्य नहीं है क्योंकि वह इंडस्ट्री में काम पाने की कोशिश कर रही है।
Khushi Mukherjee Casting Couch पर उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन सकती है। हालांकि, पॉडकास्ट में बताए गए अनुभव खुशी मुखर्जी के व्यक्तिगत दावे हैं।
कास्टिंग डायरेक्टर्स पर जमकर भड़कीं खुशी
खुशी मुखर्जी ने इंडस्ट्री में मौजूद ऐसे लोगों पर भी नाराजगी जताई, जो कथित तौर पर कलाकारों को काम के बदले अनुचित मांगों के लिए दबाव में डालते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कास्टिंग डायरेक्टर्स का व्यवहार बेहद बदतमीजी भरा है।
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एक्ट्रेस ने सवाल किया कि कोई व्यक्ति किसी कलाकार से इस तरह की मांग कैसे कर सकता है। उनके मुताबिक, कलाकार की प्रतिभा, मेहनत और काम को देखकर उसे अवसर मिलना चाहिए। किसी भी कलाकार के सामने काम के बदले निजी या शारीरिक समझौते की शर्त रखना गलत है।
खुशी ने इस तरह की सोच को नैतिकता के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि किसी लड़की को इस तरह एक वस्तु की तरह नहीं देखा जा सकता कि उसे किसी भी जगह जाकर कॉम्प्रोमाइज करना पड़े।
‘क्या लड़की कोई रोटेटिंग ऑब्जेक्ट है?’
खुशी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए एक तीखा सवाल भी उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या कोई लड़की कोई रोटेटिंग ऑब्जेक्ट है, जिसे इधर-उधर हर जगह कॉम्प्रोमाइज करने के लिए कहा जाएगा?
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उनकी इस टिप्पणी के पीछे मकसद कथित तौर पर उन लोगों की सोच पर सवाल उठाना था, जो महिला कलाकारों को काम देने के नाम पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
खुशी ने कहा कि ऐसे लोगों को यह समझना चाहिए कि सामने वाला भी एक इंसान है और उसकी अपनी गरिमा है। किसी कलाकार की मजबूरी या काम की जरूरत का फायदा उठाकर इस तरह की मांग करना स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
‘कैसे किसी को सोने के लिए कह सकते हैं?’
खुशी मुखर्जी ने कहा कि किसी भी कास्टिंग डायरेक्टर को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी कलाकार को काम के बदले उसके साथ सोने के लिए कहे। उन्होंने ऐसी मांगों को पूरी तरह गलत और नैतिकता के खिलाफ बताया।
एक्ट्रेस के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं कलाकारों को नीचा दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी सिर्फ इसलिए ऐसी स्थिति में नहीं डाला जाना चाहिए क्योंकि वह इंडस्ट्री में नया है या उसे काम की जरूरत है।
Khushi Mukherjee Casting Couch पर सामने आया यह बयान एक बार फिर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कास्टिंग प्रक्रिया और कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों को चर्चा में ले आया है।
खुशी का कहना है कि इंडस्ट्री में काम पाने के लिए टैलेंट और मेहनत महत्वपूर्ण होनी चाहिए, न कि किसी तरह का अनुचित समझौता। उन्होंने ऐसे लोगों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कलाकारों की गरिमा और सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
नोट: यह खबर खुशी मुखर्जी द्वारा पॉडकास्ट में किए गए दावों और बयानों पर आधारित है। संबंधित कास्टिंग डायरेक्टर्स की ओर से इन आरोपों पर कोई पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।















