बरेली/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के बरेली में हुई एक Interfaith Marriage Bareilly इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जौनपुर की रहने वाली 19 वर्षीय शाहजहां बानो ने अपने पांच साल पुराने प्रेम संबंध को शादी के मुकाम तक पहुंचाते हुए हिंदू धर्म अपनाया और प्रतापगढ़ के रहने वाले पवन यादव से वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह कर लिया। धर्म परिवर्तन के बाद शाहजहां ने अपना नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा। दोनों की शादी बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुई।
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शाहजहां का कहना है कि धर्म परिवर्तन और विवाह का फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है। उन्होंने कहा कि उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था और दोनों कई वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
Interfaith Marriage Bareilly: वैदिक रीति-रिवाजों से हुई शादी
जानकारी के अनुसार, जौनपुर के नाहरमऊ निवासी समीउल्ला की बेटी शाहजहां बानो और प्रतापगढ़ के भोजेपुर निवासी भारत राम के बेटे पवन यादव शनिवार रात बरेली पहुंचे। दोनों की शादी मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में कराई गई।
शादी से पहले धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। आश्रम में मौजूद पंडित केके शंखधार ने गंगाजल और गौमूत्र से शुद्धिकरण कराया। इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप कराया गया और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच शाहजहां ने हिंदू धर्म स्वीकार कर अपना नया नाम प्रतीक्षा यादव रखा।
इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोनों ने सात फेरे लिए। पवन यादव ने प्रतीक्षा की मांग में सिंदूर भरा, मंगलसूत्र पहनाया और दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर विवाह संपन्न किया। विवाह के दौरान पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया।
कॉलेज की दोस्ती से शुरू हुई पांच साल पुरानी प्रेम कहानी
शाहजहां और पवन की मुलाकात कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई। साथ पढ़ाई करना, भविष्य की योजनाएं बनाना और एक-दूसरे के साथ समय बिताना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया।
शाहजहां ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने ही पवन को अपने प्रेम का इजहार किया था। इसके बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। दोनों अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं, लेकिन उनके गांवों के बीच लगभग 10 किलोमीटर की दूरी है, जिससे मुलाकातें आसान होती रहीं।
उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक दोनों ने अपने रिश्ते को मजबूती से निभाया और कई सामाजिक एवं पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
शाहजहां ने कहा- अपनी इच्छा से किया धर्म परिवर्तन
विवाह के बाद शाहजहां, जो अब प्रतीक्षा यादव के नाम से जानी जाएंगी, ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया है।
उनके अनुसार, वह बालिग हैं, बीए की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और अपने फैसले स्वयं लेने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि उन पर किसी भी प्रकार का दबाव, लालच या मजबूरी नहीं थी।
शाहजहां ने यह भी बताया कि उन्होंने और पवन ने पहले लखनऊ में मुलाकात की। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि बरेली में ऐसे वैदिक विवाह कराए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने पंडित केके शंखधार से संपर्क किया और आवश्यक दस्तावेजों के साथ बरेली पहुंचे।
दोनों ने जिला प्रशासन के समक्ष शपथ-पत्र प्रस्तुत कर धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया के लिए आवेदन भी किया, जिसके बाद वैदिक रीति से विवाह संपन्न हुआ।
2024 में भी करना चाहते थे शादी
दिलचस्प बात यह है कि यह पहला अवसर नहीं था जब दोनों विवाह के लिए बरेली पहुंचे थे। वर्ष 2024 में भी शाहजहां और पवन ने शादी करने की योजना बनाई थी।
हालांकि उस समय शाहजहां ने अपने भाई को विवाह में शामिल करने की इच्छा जताई थी। परिवार की ओर से छोटी बहन की शादी पहले कराने का आग्रह किया गया, जिसके बाद दोनों ने अपना निर्णय टाल दिया।
बताया गया कि दो महीने पहले शाहजहां की छोटी बहन का निकाह हो गया। इसके बाद दोनों ने फिर से विवाह का फैसला लिया और इस बार अपनी योजना को पूरा कर लिया।
शादी के बाद लखनऊ में साथ रहेंगे
विवाह के बाद दोनों लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। पवन यादव लखनऊ में टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय करते हैं और अब दोनों वहीं साथ रहेंगे।
शाहजहां के परिवार में माता-पिता, चार भाई और तीन बहनें हैं। परिवार के अन्य सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी है। उनके पिता सिलाई का कार्य करते हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी Interfaith Marriage Bareilly
Interfaith Marriage Bareilly की यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग धर्म परिवर्तन के पहलू पर भी चर्चा कर रहे हैं।
फिलहाल दोनों बालिग हैं और उनका कहना है कि उन्होंने अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह और धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया है। इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
इस तरह पांच वर्षों तक चले प्रेम संबंध ने अंततः विवाह का रूप ले लिया। अब दोनों ने अपने नए जीवन की शुरुआत लखनऊ से करने का फैसला किया है।














