उमाकांत त्रिपाठी।Jharkhand Bandh 2026 को लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। सोमवार को झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प तथा लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। बंद के मद्देनज़र राजधानी रांची समेत कई जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई निजी स्कूलों ने एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी है, जबकि आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
Jharkhand Bandh 2026 के दौरान रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राजधानी रांची में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है और जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरों की सहायता से भी पूरे शहर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। बंद के दौरान एंबुलेंस, अस्पताल, दवा दुकानें, दूध, पानी और अन्य आवश्यक सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित रखने का निर्णय लिया गया है।
JPSC-JSSC छात्रों के समर्थन में BJP का बड़ा आंदोलन
भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि यह बंद केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों के न्याय की लड़ाई है। पार्टी का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह बंद बुलाया गया है।
झारखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि विधानसभा के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कई बार लाठीचार्ज किया गया, जिसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
प्रतुल शाहदेव ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रियों और अन्य आवश्यक सेवाओं को बंद से पूरी तरह मुक्त रखा गया है ताकि आम लोगों को जरूरी सुविधाओं में कोई परेशानी न हो।
सुबह 8 बजे से मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा बंद
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि Jharkhand Bandh 2026 मंगलवार सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह राज्यव्यापी बंद होगा और पार्टी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे।
बीजेपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करें और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचें।
विधानसभा घेराव के दौरान क्या हुआ था?
सोमवार को JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच कई बार तनावपूर्ण स्थिति बनी। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के पास लगी बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछार की, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और अंत में लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई छात्र घायल हुए, वहीं चार पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज के वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का BJP पर पलटवार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीजेपी द्वारा बुलाए गए बंद पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों को राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों से शांतिपूर्ण संवाद की अपील की।
सोरेन ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान चाहती है और छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने युवाओं से किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
कांग्रेस ने भी BJP के बंद पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग तो की, लेकिन बीजेपी के बंद को राजनीतिक अवसरवाद बताया। झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि यदि पुलिस द्वारा अनावश्यक बल प्रयोग किया गया है तो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक मंच बनाना उचित नहीं है और सभी दलों को युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
18वें दिन में पहुंचा छात्रों का आंदोलन
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को यह आंदोलन 18वें दिन में प्रवेश कर गया। छात्र भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
राजनीतिक दलों के समर्थन के बाद यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य की प्रमुख राजनीतिक बहस बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष दोनों के रुख पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
यदि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच जल्द समाधान नहीं निकलता है, तो Jharkhand Bandh 2026 का असर आने वाले दिनों में और व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।














