मेरठ में सामने आए **Anu Collis Viral Video** मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित की गई महिला दरोगा अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पूरे मामले में अपनी सफाई दी है।
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करीब 7 मिनट 31 सेकेंड के लाइव वीडियो में उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वायरल वीडियो के बाद उनकी जिंदगी, नौकरी और पुलिस करियर पर बड़ा असर पड़ा है।
Anu Rani got bit by Reel & Views Bug
She forgot she’s a police officer
Suspended
My question is – what is she even trying to do here 😭 pic.twitter.com/PGgbpqG3zd
— Deepika Narayan Bhardwaj (@DeepikaBhardwaj) August 17, 2026
अनु कॉलिस ने लाइव के दौरान यह भी कहा कि वह घटना के बाद से मानसिक रूप से काफी परेशान हैं और कई दिनों से अपने कमरे से बाहर नहीं निकली हैं। उन्होंने अपने मन में जान देने जैसे विचार आने की बात भी कही। हालांकि, **Anu Collis Viral Video** मामले में लगाए गए आरोपों और महिला दरोगा की ओर से दी गई सफाई की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
उसी ड्रेस में लाइव आईं अनु कॉलिस
**Anu Collis Viral Video** विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा उस ड्रेस को लेकर हुई, जिसे पहनकर बनाए गए कथित वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। लाइव वीडियो में अनु कॉलिस उसी ड्रेस में नजर आईं और उन्होंने अपने पहनावे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।

महिला दरोगा ने कहा कि यह फ्रॉक उन्होंने अपनी मां के साथ मॉल से खरीदी थी। उनके मुताबिक, उनके परिवार में इस तरह के कपड़े पहनने को लेकर किसी तरह की आपत्ति नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब उनके अपने परिवार को उनके पहनावे से परेशानी नहीं है तो सोशल मीडिया पर दूसरे लोग इस पर सवाल क्यों उठा रहे हैं।
अनु कॉलिस ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश में उनकी करीब 25 साल की जिंदगी, मेहनत और पुलिस करियर को प्रभावित किया गया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को अपने लिए बेहद परेशान करने वाला बताया।
अमित किल्होर पर बिना अनुमति वीडियो पोस्ट करने का आरोप
लाइव के दौरान अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना कथित वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो को पोस्ट करते समय पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री और डीजीपी को भी टैग किया गया।
महिला दरोगा ने इस पूरे घटनाक्रम को साइबर क्राइम से जोड़ते हुए कहा कि वायरल वीडियो के बाद उनकी नौकरी और भविष्य पर सवाल खड़े हो गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ अश्लील कंटेंट बनाने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने जैसे आरोप लगाए गए, लेकिन कार्रवाई से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया।
अनु कॉलिस के मुताबिक, बाद में संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया और अमित किल्होर की ओर से उनके भाई से माफी भी मांगी गई। हालांकि, इन दावों की पुष्टि संबंधित पक्षों और जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही हो सकेगी।
‘मैं अनु कॉलिस हूं, अनु रानी नहीं’
**Anu Collis Viral Video** मामले पर सफाई देते हुए महिला दरोगा ने अपने नाम को लेकर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनका नाम अनु कॉलिस है, अनु रानी नहीं। लाइव वीडियो में उन्होंने अपने बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं।
अनु कॉलिस ने बताया कि वह मेरठ में रोहटा और ब्रह्मपुरी थाने में तैनात रह चुकी हैं और फिलहाल एसएसपी कार्यालय से संबद्ध थीं। वह वर्ष 2003 बैच की दरोगा हैं। मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी की गिरफ्तारी के बाद भी उनका नाम चर्चा में आया था।
इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी पोस्ट, वीडियो और अन्य गतिविधियों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। इसी वजह से विभागीय जांच का दायरा सोशल मीडिया गतिविधियों तक भी पहुंच गया है।
16 अगस्त को किया गया था निलंबित
सोशल मीडिया पर महिला दरोगा का कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने 16 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय के आदेश पर उन्हें निलंबित कर दिया था। विभागीय स्तर पर पुलिस आचरण नियमावली के उल्लंघन और कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले को कार्रवाई का आधार बताया गया था।
इसके बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर की ओर से भी अनु कॉलिस पर कई आरोप लगाए गए। इनमें कथित आपत्तिजनक वीडियो बनाने, सोशल मीडिया लाइव करने और QR कोड के जरिए फंडिंग लेने जैसे आरोप शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से जांच शुरू की गई।
अब **Anu Collis Viral Video** मामले में महिला दरोगा की ओर से सामने आया लाइव वीडियो इस विवाद का नया पक्ष सामने रखता है। अनु कॉलिस ने अपने ऊपर लगाए गए कई आरोपों को खारिज किया और जांच में अपने सोशल मीडिया अकाउंट तथा बैंक खाते की जांच कराने की बात कही।
QR कोड और जिम वीडियो पर भी दी सफाई
महिला दरोगा ने लाइव वीडियो में QR कोड के जरिए फंडिंग लेने के आरोपों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि QR कोड उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से संबंधित है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके बैंक खाते और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा सकती है।
अनु कॉलिस ने कहा कि यदि किसी तरह की फंडिंग का मामला सामने आता है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसी तरह उनके जिम से जुड़े वीडियो को लेकर भी सवाल उठे थे। उन्होंने जिम वाले वीडियो को फिटनेस को बढ़ावा देने वाला बताया और कहा कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट की पूरी जांच कराई जा सकती है।
इससे साफ है कि **Anu Collis Viral Video** विवाद अब केवल एक कथित वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। इसमें सोशल मीडिया गतिविधियां, पुलिस विभाग के नियम, कथित आरोप और महिला दरोगा की ओर से दी गई सफाई सभी पहलू जांच के दायरे में हैं।
पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत हो रही जांच
उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर निर्धारित दिशा-निर्देश हैं। पुलिसकर्मियों को वर्दी में रील बनाने और आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर पोस्ट करने जैसी गतिविधियों से बचने के निर्देश दिए जाते हैं।
15 मई 2026 को एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। ऐसे में पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर विभागीय स्तर पर नियमों के पालन की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल **Anu Collis Viral Video** मामले में विभागीय जांच जारी है। जांच में महिला दरोगा के सोशल मीडिया अकाउंट, वायरल वीडियो, कथित आरोपों और अन्य डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर
**Anu Collis Viral Video** मामले में फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक तरफ पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर अनु कॉलिस के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ महिला दरोगा ने लाइव आकर अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अनु कॉलिस का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। वहीं उन्होंने जांच में अपने सोशल मीडिया अकाउंट और बैंकिंग गतिविधियों की जांच कराने की बात कही है।
अब इस मामले में आगे की दिशा विभागीय जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और अनु कॉलिस के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है। तब तक **Anu Collis Viral Video** मामले में सामने आए दावों को संबंधित पक्षों के आरोप और सफाई के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।














