उमाकांत त्रिपाठी।भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है। आजतक को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों, क्वाड, व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और दोनों देशों के बीच बढ़ते उच्चस्तरीय संपर्क पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पिछले पांच साल की तुलना में आज कहीं ज्यादा मजबूत हैं और सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
PM Modi को लेकर अमेरिकी राजदूत ने क्या कहा?
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दुनिया के 35 नेताओं में से किसी एक से मिलने की पसंद पूछी जाए, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम उनकी सूची में सबसे ऊपर होगा।
गोर के इस बयान को भारत-अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश लगभग हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने व्यापार और निवेश से लेकर टेक्नोलॉजी, फार्मा, स्पेस, डिफेंस और सैन्य अभ्यास तक कई क्षेत्रों का जिक्र किया। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच सहयोग केवल एक या दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है।
क्वाड को बताया बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी
सर्जियो गोर ने दिल्ली में हुई क्वाड शेरपा बैठक को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधियों के लिए एक साथ बैठकर भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा करना जरूरी था।
विदेश सचिव की मेजबानी में हुई इस बैठक में चारों देशों ने क्वाड के अगले लक्ष्यों और प्राथमिकताओं पर चर्चा की। गोर ने क्वाड को ऐसे साझेदार देशों का समूह बताया, जो एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए जापान और ऑस्ट्रेलिया बेहद करीबी सहयोगी हैं और भारत भी इस साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्वाड के जरिए चारों देश मानवीय सहायता, आपदा राहत, संयुक्त प्रशिक्षण और सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं।
इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और महत्वपूर्ण खनिज जैसी नई और उभरती तकनीक से जुड़े मुद्दे भी क्वाड के एजेंडे में महत्वपूर्ण हैं।
अक्टूबर में सिडनी में होगी क्वाड की अगली बैठक
अमेरिकी राजदूत के मुताबिक, क्वाड की अगली मंत्रीस्तरीय बैठक अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में होने की उम्मीद है। इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने समकक्षों के साथ शामिल होंगे।
गोर ने यह भी उम्मीद जताई कि इसके बाद इस साल के अंत में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित हो सकता है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी इसकी तारीख तय नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि जब भी चारों देशों के नेता या मंत्री एक जगह मौजूद हों, तो क्वाड की बैठक भी आयोजित की जाए।
‘भारत को उच्चस्तरीय बैठकों की आदत डाल लेनी चाहिए’
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते उच्चस्तरीय संपर्क का जिक्र करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि भारत को ऐसी बैठकों की आदत डाल लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्टूबर में एक बार फिर भारत आने वाले हैं।
गोर के अनुसार, रुबियो की पिछली भारत यात्रा चार दिन की थी, जो राष्ट्रपति के बिना अमेरिका से बाहर उनकी सबसे लंबी यात्राओं में से एक थी। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का दोबारा भारत आना असामान्य है, लेकिन भारत को इसकी आदत डाल लेनी चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में केवल अमेरिकी विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि कई अन्य कैबिनेट स्तर के अधिकारी भी भारत का दौरा कर सकते हैं।
इसके अलावा साल खत्म होने से पहले अमेरिका के करीब तीन राज्यों के गवर्नरों के भी भारत आने की उम्मीद है। इन दौरों का उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तथा दूसरे क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को आगे बढ़ाना बताया गया है।
अमेरिकी कंपनियों का भारत में बढ़ रहा निवेश
भारत की आर्थिक वृद्धि और अमेरिकी कंपनियों के भारत में निवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश दोनों दिशाओं में बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि अमेरिका में नए निवेश लाने के मामले में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। साथ ही अमेरिकी कंपनियां भारत में भी लगातार निवेश बढ़ा रही हैं।
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, डेटा सेंटर, AI सेंटर और फार्मा जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों की मौजूदगी बढ़ रही है। गोर के मुताबिक, इसके पीछे आपसी भरोसा और स्थिरता बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति को अमेरिका के लिए सकारात्मक बताया और कहा कि अमेरिका एक स्थिर भारत के साथ काम करना चाहता है। उनके मुताबिक, भारत में आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता दोनों देशों के बीच सहयोग को आने वाले समय में और आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।
भारत-अमेरिका रिश्तों में बढ़ रहा भरोसा
सर्जियो गोर के बयान से साफ है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध अब केवल पारंपरिक कूटनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश डिफेंस, टेक्नोलॉजी, व्यापार, निवेश, स्पेस, फार्मा और उभरती तकनीकों जैसे कई क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं।
क्वाड के जरिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। ऐसे में आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय यात्राओं और बैठकों का सिलसिला और बढ़ने की उम्मीद है।















