खबर इंडिया की।Mecca Houthi Drone Attack: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में मंगलवार रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों की ओर से लॉन्च किया गया एक ड्रोन मक्का की दिशा में बढ़ रहा था, जिसे सऊदी एयर डिफेंस ने शहर के दक्षिण में इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, ड्रोन को शाम करीब 6:50 बजे उस समय मार गिराया गया, जब वह मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक लिया गया।
इस घटना के बाद मक्का में कुछ समय के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की गई। जेद्दा और ताइफ में भी अलर्ट जारी किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मक्का में इस तरह का सुरक्षा अलर्ट हालिया संघर्ष के दौरान पहली बार जारी हुआ, जबकि सऊदी गठबंधन ने इसे मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया है। इससे पहले 2017 में भी सऊदी अधिकारियों ने मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए जाने का दावा किया था।
मक्का की ओर ड्रोन, सऊदी एयर डिफेंस ने किया इंटरसेप्ट
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने ड्रोन को मक्का के दक्षिण में ही नष्ट कर दिया। उनका कहना है कि ड्रोन शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाया। घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने मक्का और वहां मौजूद जायरीनों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी।
हालांकि, इस घटना की दूसरी तरफ से अलग तस्वीर सामने आई है। हूती सैन्य सूत्रों ने मक्का या किसी अन्य इस्लामिक पवित्र स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है। हूती पक्ष ने सऊदी दावे को गलत बताया है। इसलिए ड्रोन के वास्तविक उद्देश्य को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
मक्का में जारी हुआ सुरक्षा अलर्ट
ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने के बाद सऊदी प्रशासन ने लोगों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा। चेतावनी के दौरान लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और खतरा पूरी तरह समाप्त होने तक घरों या इमारतों से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई।
मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहर है और यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग हज और उमरा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर के आसपास किसी सैन्य हमले या ड्रोन गतिविधि की खबर को विशेष सुरक्षा चिंता के तौर पर देखा जा रहा है।
सऊदी गठबंधन ने कहा है कि दोनों पवित्र मस्जिदों और वहां आने वाले जायरीनों की सुरक्षा उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गठबंधन ने हूती हमलों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
यमन में 500 से ज्यादा लोगों की मौत
मक्का के पास ड्रोन घटना ऐसे समय हुई है, जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हो गई है। हालिया संघर्ष में 500 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग पक्षों की ओर से जारी आंकड़ों में अंतर है और सभी आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यमनी सरकारी समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस ने अगस्त से सितंबर के बीच 500 से अधिक सरकारी लड़ाकों के मारे जाने और करीब 1,500 के घायल होने का दावा किया है।
संघर्ष का असर आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। सेव द चिल्ड्रन के मुताबिक, 3 से 9 सितंबर के बीच एक सप्ताह में 43 बच्चे मारे गए या घायल हुए, जो उसके अनुसार पिछले 12 महीनों में एक सप्ताह का सबसे ज्यादा बाल-हताहत आंकड़ा है। संस्था ने 1 अगस्त से 9 सितंबर के बीच 19 बच्चों की मौत और 49 बच्चों के घायल होने की भी जानकारी दी है।
94 हजार से ज्यादा लोग छोड़ चुके हैं घर
यमन में लगातार बढ़ती हिंसा के कारण बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के मुताबिक, 14 सितंबर तक 93,864 लोग नए सिरे से विस्थापित हुए थे। सबसे ज्यादा असर ताइज़ और लहज प्रांतों में देखा गया है।
यमन से करीब 2 हजार से ज्यादा लोग समुद्र के रास्ते पड़ोसी देश जिबूती भी पहुंचे हैं। वहां पहुंचे लोगों के लिए भोजन, अस्थायी आश्रय और दूसरी जरूरी मदद की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, ईंधन की कमी के कारण समुद्र पार करके जिबूती जाने वाले लोगों की संख्या फिलहाल प्रभावित हुई है।
बाब-अल-मंदेब पर बढ़ा खतरा
यमन में संघर्ष का असर सिर्फ स्थानीय आबादी तक सीमित नहीं है। हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के तट और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास रणनीतिक इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत की है। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
मोक्का बंदरगाह और बाब-अल-मंदेब के पास स्थित कुछ रणनीतिक द्वीपों पर हूती नियंत्रण की खबरों के बीच समुद्री यातायात की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहने पर तेल और अन्य सामानों की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
यमन में यह नया संघर्ष 2022 के युद्धविराम के बाद फिर से तेज हुआ है। लगातार बढ़ती हिंसा, विस्थापन और समुद्री मार्गों पर तनाव ने देश के दोबारा बड़े मानवीय संकट की ओर बढ़ने की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट की घटना ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष को एक और संवेदनशील मोड़ दे दिया है।














